भारतीय किसान संघ ने कहा भारत बंद का समर्थन नहीं पर कृषि कानूनों में सुधार आवश्यक 

भारतीय किसान संघ ने कहा भारत बंद का समर्थन नहीं

हम आपको बता दें कि सरकार द्वारा लाए गए तीन कृषि कानूनों के विरोध में किसानों ने अपना प्रदर्शन जारी रखा है। और किसानों द्वारा नए कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर विरोध प्रदर्शन भी किया जा रहा है।

RSS-linked farmers organization says- No support for Bharat Bandh, but some reforms are needed in new agricultural laws - RSS से जुड़े किसान संगठन ने कहा-भारत बंद का समर्थन नहीं, लेकिन नए

हालंकि इन किसानों में मुख्य तौर में पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के किसान जुडे़ हुए हैं। और इस विषय को लेकर केन्द्र एवं किसान नेताओं के बीच कई दौर वार्तालाप हो चुकी है परन्तु फिर भी इस गतिरोध का कोई भी समाधान नहीं निकला है। इसलिए किसानों की मांग है कि इन तीन कृषि कानूनों को वापस लिया जाए।

सरकार द्वारा लाए इन कानूनों में कुछ सुधार आवश्यक

जिसके कारण किसानों का प्रतिनिधित्व करने वाले कुछ संगठनों  ने 8 दिसंबर को भारत बंद का ऐलान किया है। पर इसके साथ ही बता दें कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ समर्थित भारतीय किसान संघ ने सोमवार को बताया कि वह केन्द्र के नए कृषि कानूनों के खिलाफ 8 दिसंबर मंगलवार को भारत बंद का समर्थन नहीं करने वाला है। परन्तु सरकार द्वारा लाए  इन कानूनों में कुछ सुधार होना आवश्यक है।

rss called for some reforms in agriculture bill and opposed the bharat bandh

जैसा हमने कहा कि किसान संगठनों ने आज मंगलवार आठ दिसंबर को देशव्यापी बंद का आह्वान किया है। और इसी बीच बीकेएस के संगठन मंत्री महेश चौधरी ने बताया कि वे भारत बंद का समर्थन नहीं कर रहे हैं। पर इसके साथ ही इन तीन कानूनों का इस रूप में वे समर्थन भी नहीं करने वाले हैं। कारण उन्होंने कहा कि वे इन तीन कानूनों में कुछ सुधार चाहते हैं।


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Bhartiya Kisan Sangh distances from Bharat Bandh: भारत बंद में RSS से जुड़ा भारतीय किसान संघ नहीं होगा शामिल, इन वजहों से बनाई दूरी - Navbharat Times

ग़ौरतलब है कि इस विषय को लेकर अगस्त में केन्द्र को पत्र लिखा भी गया है। पत्र में गांवों से मिले सुझाव के हिसाब से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एसएसपी) पर उपज खरीद की सुविधा देने की सिफारिश की गई है। मंत्री महेश चौधरी ने बताया कि केन्द्र सरकार ने पहले ही उनको आश्वासन दिया है कि इस पर गौर किया जाने वाला है। और आगे उन्होंने बताया कि अधिनियम के एक बाजार एक देश सहित कई अन्य प्रावधानों का बीकेएस दृढ़ता से  समर्थन करेगा। एवं इससे किसानों को काफी लाभ भी होने वाला है।

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