पटना हाईकोर्ट ने तबलीगी जमात से जुड़े लोगों के केस को बेबुनियाद बताया

पटना हाईकोर्ट ने नागरिकों को अपने देश लौटने कि इजाज़त दी 

कोरोना महामारी के दौरान हुए लॉकडॉउन के दौरान वीजा शर्तों के उलंघन मामले में दोषी बनाए गए विभिन्न देशों के 18 नागरिकों को अररिया जामा मस्जिद व नरपतगंज के रेवाही मरकज से 14 अप्रैल को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इस मामले कि सुनवाई करते हुए  गुरुवार को पटना हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ चल रहे आपराधिक मामले को रद्द कर दिया है। इसके साथ ही उन्हें संबंधित देशों में भेजने का भी निर्देश दिया है।

पटना हाईकोर्ट

पहले मिली जमानत के बाद दोनों प्राथमिकी के विरुद्ध रिट में दाखिल की गई थी

इस मुकदमे के संचालक अधिवक्ता जेड ए मुजाहिद ने बताया कि सभी विदेशी नागरिक सत्र न्यायाधीश से नौ जून को जमानत पर रिहा हुए थे परंतु मुकदमे के निष्पादन तक उन्हें भारत छोड़ने की अनुमति नहीं थी। परन्तु आज की सुनवाई में उन्हें यह इजाज़त मिल गए है। इस मामले कि सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता पीके शाही, माजिद महबूब खान, आलोक रंजन ने विभिन्न तिथियों में बहस में भाग लिया। वहीं भारत सरकार व बिहार सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल डॉ केएन सिंह व अपर महाधिवक्ता अंजनी कुमार ने अपना पक्ष रखा। दोनो पक्षों की बहस के बाद न्यायमूर्ति राजीव रंजन प्रसाद ने अपने आदेश में टिप्पणी की है कि स्थापित कानून की भ्रामक अवधारणा के कारण ही पुलिस ने विदेशियों को अभियुक्त बनाया है।  न्यायालय ने राज्य व केंद्र सरकार को आदेश दिया है कि यथाशीघ्र इन विदेशियों को उनके देश भेजें। 


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68 पन्नों के फैसले पटना हाईकोर्ट ने कहा प्रथम दृष्टया विदेशियों पर आरोपित धाराओं का अपराध नहीं बनता था

पटना हाईकोर्ट

ज्ञात हो कि जिन 18 लोगों को राहत मिली है उनमें बांग्लादेश, ऑस्ट्रेलिया और मलेशिया के नागरिक शामिल है इसमें मलेशियाई के सैफुल, मुहम्मद, मो. इमरान, एहमद फदजली, मो. एसकन्दर अलफिकार, मसतरी, अब्दुल रहमानी, मो. फैरूज व अब्दुल हरीथ और  बांगलादेश के  मो. एनामूल, महबुर्बरहमान, मो. अमलामुन सरकार, मो. मोताहर हुसैन, मो. अफजल हुसैन रकीब, मो. मोकम्मिल हक, के. एम अमीनुल हक, मो. हबीर्बुरहमान व मो. शाहजहां हुसैन शामिल हैं। 

हाईकोर्ट ने निचली अदालत के आदेश को रद्द किया 

पटना हाईकोर्ट

इनपर  नरपतगंज थाना कांड संख्या 158/20और अररिया थाना कांड संख्या 297/20 के तहत पुलिस ने इन जमातियों के खिलाफ विदेशी नागरिकता क़ानून की धारा 14और 14(सी) का मामला दर्ज किया था। पुलिस ने चार्जशीट दायर की थी जिसके बाद निचली अदालत ने संज्ञान लेते हुए मुकदमा चलाने का आदेश दिया था। पटना हाईकोर्ट ने अब निचली अदालत के आदेश को रद्द करने के साथ ही आपराधिक कार्यवाही को भी समाप्त कर दिया है । 

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Shreya Sinni

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