राजस्थान में लगभग डेढ़ लाख रुपयों के 11 हजार लीटर दूध, दही और घी से भरी गई देवनारायण मंदिर की नींव

राजस्थान में 11 हजार लीटर दूध, दही और घी से भरी गई देवनारायण मंदिर की नींव

राजस्थान के झालावाड़ से एक अनोखा और हैरान करने वाला मामला सामने आया है जहां देवनारायण मंदिर की नींव भरने के लिए हजारों लीटर दूध, दही और घी का इस्तेमाल किया गया है। इस बारे में पूछे जाने पर मंदिर निर्माण समिति की ओर से बताया गया की ऐसा करना बर्बादी नहीं है बल्कि ऐसे करने से भगवान हमारे जानवरों की रक्षा करेंगे और हमने उन्हें वहीं अर्पित किया है जो हमे उनसे ही मिला है।

राजस्थान देवनारायण मंदिर

मंदिर की नीव भरने के लिए उपयोग किया गया सारे सामानों में पंद्रह सौ लीटर दूध, एक क्विंटल दही और बाकी घी था और इन सामानों की कीमत की बात करे तो यह लगभग डेढ़ लाख रुपए बैठता है। इस बारे में समिति के अध्यक्ष रामलाल सिंह ने बताया कि मंदिर समिति के आह्वान पर श्रद्धालुओं ने करीब 11 हजार लीटर दूध, घी और दही इक्कठा क़िया था।

समिति ने बताया गुर्जर समाज में यह जरूरी प्रथा नहीं लेकिन पहले भी ऐसा क़िया गया

राजस्थान देवनारायण मंदिर

करीब एक करोड़ रूप के लागत से बनाया जा रहा है यह मंदिर दो सालों में बन कर तैयार होगा। इसी के लिए आज मंदिर की नींव भराई का कार्यक्रम था जिसमें श्रद्धालुओं ने मंदिर की नींव दूध, दही और घी से भरने का फैसला किया था। इसी कार्यक्रम के दौरान एक शोभायात्रा भी निकाली व दूध के टैंकर को मंदिर परिसर तक पहुंचाया जहां एक पाइप के सहारे नींव में दूध को भरा गया तो वहीं कार्यक्रम में आए गुर्जर समाज के श्रद्धालुओं ने भी अपने-अपने घरों से बर्तनों में दूध लाकर नींव में दूध डाला।


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देवनारायण मंदिर को पर्यटन स्थल के रूप में भी विकसित करने की योजना

राजस्थान देवनारायण मंदिर

समिति के सदस्यों ने बताया कि मंदिर को भव्य लुक देने के लिए कई प्रकार के जानकारों से सलाह ली जा रही। मंदिर का आकार करीब 4352 वर्गफीट 66 गुना 66 का आकार इसका शिखर करीब 81 फीट ऊंचा होगा जिस पर ध्वज पताका लगेगी। मंदिर निर्माण की प्रक्रिया करीब नवम्बर 2019 से बैठकों के रूप में हुई। मंदिर परिसर को पर्यटन के लिए विकसित करने के लिए करीब 8 से 10 बीघा जमीन में गार्डन एवं कई प्रकार के पौधे लगाकर सुंदर बनाया जाने की योजना भी है। मंदिर के नींव में में इस्तेमाल किए गए दूध, दही और घी के बारे में  जब समिति के सदस्यों से पूछा गया कि क्या यह सामानो की बर्बादी नहीं है? तो उन्होंने जवाब दिया कि भगवान ने हमें जो कुछ दिया है उसके सामने यह कुछ नहीं है।

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Shreya Sinni

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