तीन नए कृषि क़ानूनों के खिलाफ जारी आंदोलन में गाज़ियाबाद के यूपी गेट पर एक किसान ने की आत्महत्या 

गाज़ियाबाद के यूपी गेट पर एक किसान ने की आत्महत्या 

केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन नए कृषि क़ानूनों के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन अभी भी जारी है। दरअसल इस शनिवार को गाज़ियाबाद के यूपी गेट पर एक किसान के शौचालाय में आत्महत्या करने की ख़बर सामने आई है। मृतक किसान का नाम कश्मीर सिंह है जो एक 75 साल वृद्ध आदमी था। बता दें कि दिल्ली की सीमाओं पर शीत लहर, कोहरे और बारिश की मार झेलते हुए प्रदर्शनकारी किसानों का कृषि क़ानूनों के विरोध में चल रहे आंदोलन का आज 38 वां दिन  है। 

किसान आत्महत्या

किसान के आत्महत्या के बाद आंदोलन स्थल पर छाई शोक की छाया

यूपी गेट यानी गाजीपुर बॉर्डर में जहां आज सुबह से बारिश ने इन किसानों को परेशान किया तो वहीं दूसरी ओर 75 साल के एक बुजुर्ग किसान ने फ्लाई ओवर के नीचे शौचालाय में आत्महत्या कर लिया। जिससे पूरे आंदोलन स्थल पर एक शोक की लहर दौड़ चुकी है। हालांकि किसान द्वारा यह सुसाइड नोट पंजाबी में लिख कर छोड़ा गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस वहां मौके पर पहुंची और पुलिस द्वारा शव को फंदे से नीचे उतारा गया। जिसके बाद मृतक किसान की पहचान कश्मीर सिंह, उम्र 75 साल, निवासी बिलासपुर, उत्तर प्रदेश के रूप में की गई है। इतना ही नहीं मृतक किसान के पास से एक सुसाइड नोट भी मिला है।


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किसान ने जताई दिल्ली यूपी बॉर्डर पर अपने अंतिम संस्कार की इच्छा

किसान आत्महत्या

मृतक किसान यूपी के रामपुर जिले के बिलासपुर का है। जिसने एक सुसाइड नोट लिख छोड़ा है। इस मामले पर भारतीय किसान यूनियन ने उनकी आत्महत्या पर दुख प्रकाश करते हुए कहा कि आज यूपी गेट पर रामपुर जिले के बिलासपुर के निवासी  सरदार कश्मीर सिंह लाडी ने शौचालाय में सुसाइड किया एवं उन्होंने सुसाइड नोट में अपने मरने का कारण एवं इच्छा प्रकाश किया है। जिसमें उन्होंने लिखा है कि उनका अंतिम संस्कार उनके पोते बच्चे के हाथों इसी स्थान पर यानी दिल्ली यूपी बॉर्डर पर किया जाना चाहिए।

सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा है कि उनका परिवार, बेटा और पोता आंदोलन में लगातार सेवा कर रहे हैं। इतना कहते हुए उन्होंने अपनी आत्महत्या का जिम्मेदार सरकार को ठहराया है। सरदार कश्मीर सिंह लाडी ने अपने सुसाइड नोट में लिखा है कि आखिर कब तक वे सर्दी में बैठे रहेंगे। सरकार हमारी सुन नहीं रही इसलिए मैं अपनी जान देकर जा रहा हूं जिससे कोई हल निकल सके। बता दें कि फिलहाल मौके पर गाज़ियाबाद पुलिस के अधिकारी मौजूद हैं एवं कृषि क़ानूनों के विरोध में चल रहे आंदोलन के दौरान कई किसानों की मौतें  हुई हैं। कुछ किसानों की मौत सड़क हादसे में हुई  तो वहीं कुछ की बीमारी या ठंड लगने से हुई है।

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