सिंधु बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसानों को एनजीओ ने कांगड़ी बांटा

सिंधु बॉर्डर पर एनजीओ ने बांटा कांगड़ी

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देशभर के किसान करीब 1 महीने से दिल्ली से सटे विभिन्न बॉर्डरों पर लगातार प्रदर्शन कर रही हैं। कृषि क़ानून के विरोध में किसान वर्ग सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर आया है। किसानों की मांग है कि सरकार द्वारा बनाए गए तीनों कृषि क़ानून को रद्द किया जाए। किसानों का कहना है कि यह तीनों क़ानून किसानों के लिए मौत की लिखित गारंटी है। यह क़ानून अगर लागू हो गया तो किसान वर्ग बर्बाद हो जाएगा। वहीं दूसरी तरफ भारतीय सरकार ने तीनों कृषि क़ानून को किसानों के हित में बताते हुए रद्द करने से मना किया गया है। इसी के मद्देनजर किसान संगठन एवं सरकार के बीच कई दौर की बातचीत भी हुई लेकिन अभी तक इसका कोई नतीजा नहीं निकल पाया है। हर बीते दिन के साथ किसान आंदोलन और उग्र एवं विशाल होता जा रहा है। जहां देश के कई नामी चेहरे किसान आंदोलन में शामिल होते दिखे तो वही कई एनजीओ भी किसानों के समर्थन के लिए आगे आई और उनका मदद करते हुए दिख रही हैं।

दिल्ली के एक एनजीओ ने बांटा कांगड़ी

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कड़ाके की ठंड में लगातार एक महीने से किसान वर्ग सड़कों पर है। दिल्ली में ठंड बढ़ते जा रही है और इसी को देखते हुए दिल्ली के एक एनजीओ ने जम्मू-कश्मीर से 50 कांगड़ी खरीदा एवं बुजुर्ग किसानों में बांटने का काम किया है। आपको बता दें कांगड़ी मूल रूप से जम्मू कश्मीर में मिलती है। यह सर्दियों में आम लोगों के लिए राहत का काम करती है। शरीर को गर्म रखने के लिए कांगड़ी का इस्तेमाल किया जाता है।


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जम्मू कश्मीर से खासतौर पर कांगड़ी मंगवाए गए

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कांगड़ी का व्यवसाय देखने वाले एक युवक ने बताया कि पिछले हफ्ते कुछ लोगों ने उनसे संपर्क किया था कि उन्हें कुछ कांगड़ी की जरूरत है। युवक ने बताया कि मैं पहले थोड़ा अचंभित था कि दिल्ली में रह रहे लोगों को इतनी अधिक संख्या में कांगड़ी की आवश्यकता क्यों पड़ी। जब मैंने उनसे पूछा तो उन्होंने बताया कि यह कांगड़ी एनजीओ के तरफ से किसानों को भेंट की जाएगी। युवक ने बताया कि 70-80 वर्षी किसान इस कड़ाके की ठंड में सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं।

कांगड़ी से शायद उन्हें थोड़ी राहत मिल सके। इसके बाद युवक ने एनजीओ को सही दाम में 50 कांगड़ी दिलवाए। युवक ने और जानकारी देते हुए बताया कि पहले 50 कांगड़ी का इस्तेमाल किया जाएगा और देखा जाएगा कि यह कितना असरदार है अगर कांगड़ी के इस्तेमाल से बुजुर्ग किसानों को राहत मिलती है तो और भी कांगड़ी कश्मीर से मंगवाई जाएंगे। एनजीओ ने बताया की दिल्ली की ठंड किसी से छुपी नहीं है और इस साल ठंड काफी ज्यादा है। जिसकी वजह से बुजुर्ग किसानों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसीलिए एनजीओ ने किसानों के बीच कांगड़ी बांटने का फैसला लिया।

आंदोलन के दौरान कई किसान अपनी जान गवां रहे

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दिल्ली में बढ़ते ठंड को देखते हुए कई किसानों की तबीयत एवं स्वास्थ्य बिगड़ता जा रहा है। टिकरी बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे जगबीर सिंह जिनकी उम्र 66 वर्ष की थी उन्होंने आंदोलन के दौरान अपनी जान गवा दी। फिलहाल मौत के कारण का पता नहीं चल पाया है लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि स्वास्थ्य बिगड़ने के कारण उनकी जान गई। वहीं दूसरी तरफ शमशेर नाम का एक युवक सिंधु बॉर्डर पर मौजूद ट्रक के भीतर मृत पाया गया। आलम यह है कि किसानों का स्वास्थ्य बिगड़ता जा रहा है। खास तौर पर बुजुर्ग किसान इसकी चपेट में आ रहे हैं।

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Aparna Vatsh

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