पटना विश्वविद्यालय के दो छात्रों की पुलिस ने पूछताछ के नाम पर की जमकर पिटाई

पटना विश्वविद्यालय के दो छात्रों की पूछताछ के नाम पर जमकर पिटाई

बता दें कि यह घटना राजधानी पटना विश्वविद्यालय के इकबाल छात्रावास की है। जहां पुलिस द्वारा बेरहमी से दो निर्दोष छात्रों की पूछताछ के नाम पर जमकर पिटाई करने  की ख़बर आई है। जानकारी के मुताबिक़ विश्वविद्यालय को बिना जानकारी दिए पुलिस छात्रों को उठा ले जाती है फिर उनकी जमकर पिटाई करती है एवं उन्हें डरा धमकाकर एक सादे कागज पर हस्ताक्षर भी करवा लिया जाता है और धमकी दी जाती है कि हस्ताक्षर नहीं करने से उनको वहीं ख़त्म कर दिया जाएगा।

पटना विश्वविद्यालय

पुलिस की पिटाई से घायल हुए दोनों छात्रों को पीएमसीएच में भर्ती कराया गया है एवं छात्रावास के दोनों घायल छात्रों से मिलने के लिए देर शाम प्रॉक्टर रजनीश कुमार और डीन प्रो. एनके झा पहुंचे थे। उन्होंने उन छात्रों को न्याय दिलाने का भरोसा  दिया है।

पीड़िता ने कहा दोनों छात्र छेड़खानी घटना से संबंधित नहीं 

दरअसल कुछ दिनों पहले पटना विश्वविद्यालय के आसपास की एक लड़की ने छेड़खानी के मामले पर पास के एक थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसकी छानबीन के लिए पटना पुलिस, बिना विश्वविद्यालय के इजाज़त के इकबाल छात्रावास के दो लड़के को उठा ले जाती है। घटना के बारे में पूछताछ करने के लिए पुलिस द्वारा दोनों लड़कों को थाने ले आने के बाद उनकी जमकर पिटाई की जाती है। दोनों छात्रों को पुलिस पीठ और पैर में काफी बेरहमी से मारती है। जिस कारण से उन दोनों को काफी चोट आई है।इस घटना के बाद से छात्र संगठनों में काफी आक्रोश भर चुका है।


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पटना पुलिस एवं विश्वविद्यालय की यह गुंडागर्दी बर्दाश्त के बाहर

पटना विश्वविद्यालय

ग़ौरतलब है कि ऐसी एक घटना के बाद अब यह प्रश्न उठता है कि पटना विश्वविद्यालय प्रशासन के  छात्रावास में छात्र रहते हैं या गुंडे जो उन्हें इस तरह से पीटा गया है। बहुत ही शर्मनाक बात है कि पटना पुलिस बिना किसी अधिकार के छात्रावास में घुसकर उन निर्दोष छात्रों को पुछताछ के नाम पर 24 घंटा अधिक से हाजत में रखती है।एवं हद तो तब हुई जब छात्रों को नग्न अवस्था में पुलिस द्वारा मारा एवं मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। जैसा हमने बताया कि पटना पुलिस ने दोनों छात्रों को एनीबेसेंट रोड में पिछले दिनों हुई एक लड़की के छेड़खानी के मामले में उठाया था।

लेकिन पुलिस द्वारा विषय की बिना जांच किए इस प्रकार के कदम  उठाने को लेकर अब प्रश्न उठना तो स्वाभाविक है। इस मामले पर  प्रदेश अध्यक्ष आजाद चांद ने कहा कि अगर दोषी पुलिस कर्मी पर कार्रवाई नहीं की गई  तो आंदोलन किया जाएगा। वहीं दूसरी ओर पूरे मामले पर पीरबहोर थानाध्यक्ष ने कहा कि किसी भी  छात्र की पिटाई कस्टडी में नहीं हुई है।छात्रों को शायद कहीं दूसरे जगह चोट लगी होगी एवं उन्होंने बताया कि अनोर गलत आरोप लगाया जा रहा है।

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