सरकारी यूनिवर्सिटीज के एडमिशन में दिक्कत की संभावना, प्राइवेट पर फर्क नहीं

एडमिशन में दिक्कत की संभावना

शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक द्वारा जानकारी दी गई की इस बार 10वीं और 11वीं यह परीक्षा मई माह में होंगी। इसके बाद से अभ्यर्थियों के मन में कॉलेज में एडमिशन को लेकर कई सवाल उठ रहे है लेकिन जानकारी के मुताबिक परीक्षा लेट होने के बावजूद प्राइवेट विश्वविधालय में एडमिशन पर खास असर नहीं होगा, जाने क्यों?

जानें- कब शुरू होंगे DU में एडमिशन, ऐसा हो सकता है फॉर्म - du admissions 2020 applications to open in april tedu - AajTak

कोरोनावायरस के चलते बोर्ड परीक्षाओं का शेड्यूल भी जारी नहीं हुआ

 

हर साल केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) आमतौर पर नवंबर में बोर्ड परीक्षा की डेटशीट जारी करता है और 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं फरवरी से मार्च तक आयोजित करता है। लेकिन इस बार परीक्षा दो माह देरी से होगी। परीक्षाओं में देरी होने से पब्लिक यूनिवर्सिटीज से जुड़े कॉलेजों के एडमिशन्स पर असर हो सकता है लेकिन प्राइवेट यूनिवर्सिटीज के मामले में इसका खास असर पड़ने की संभावना नहीं है क्योंकि इनका अपना एंट्रेंस परीक्षा होता है।


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DU में बोर्ड के मार्क्स के आधार पर तय होती कटऑफ, इस बार एंट्रेंस पर हो सकता एडमिशन

एडमिशन

इस बार देरी से होने वाली बोर्ड परीक्षाओं से दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) जैसी देश के इस प्रतिष्ठित पब्लिक यूनिवर्सिटीज के एडमिशन्स में देरी हो सकती है। DU के एक अधिकारी के मुताबिक, रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया बोर्ड एग्जाम के नतीजे घोषित होने से पहले शुरू हो सकती है जिसमें छात्र ऑनलाइन बेसिक डीटेल्स भर सकते हैं। हालांकि, अधिकारी ने बताया कि अब तक एडमिशन की तारीखें तय नहीं की गई हैं क्योंकि DU उम्मीद कर रहा है कि शिक्षा मंत्रालय कॉमन एंट्रेस टेस्ट पर कोई फैसला करे।

मुंबई यूनिवर्सिटी भी एडमिशन के तारीख को लेकर दुविधा में

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DU की तरह ही मुंबई यूनिवर्सिटी (MU) भी बोर्ड परीक्षाओं के नतीजों का इंतजार कर रही है। हालांकि MU में एडमिशन की प्रक्रिया सिर्फ CBSE पर ही निर्भर नहीं है। बल्कि 12वीं क्लास के सीनियर सेकेंडरी सर्टिफिकेट (SSC) एग्जाम्स पर भी है। जिसे राज्य के बोर्ड की ओर से कराया जाता है।

SNU और एमिटी जैसे प्राइवेट संस्थान तलाश रहे दूसरे विकल्प

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अगर प्राइवेट यूनिवर्सिटीज में शिव नादर यूनिवर्सिटी (SNU) के एक प्रवक्ता ने बताया कि बोर्ड के नंबरों पर निर्भर रहने के बजाए, यूनिवर्सिटी खुद का एंट्रेस टेस्ट SNU-SAT आयोजित करती है। साथ ही वो JEE मेन, SAT और ACT के स्कोर को भी एडमिशन के लिए स्वीकार करती है।

वहीं एमिटी में हर प्रोग्राम में अलग-अलग एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया हैं। जो बोर्ड परीक्षा में लाए गए नंबरों पर आधारित हैं। एमिटी, जो आम तौर पर जुलाई तक एडमिशन की प्रक्रिया पूरी कर लेती है। 2021 में एक महीने की देरी की संभावना जता रही है। ऐसे स्तिथि से निपटने के लिए संस्थान नए विकल्प तलाश रहा है।

नतीजों से पहले प्रोविजनल एड्मिशन है अच्छा विकल्प

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इसी तरह तरह अन्य प्राइवेट यूनिवर्सिटी में भी यदि छात्र एंट्रेंस एडमिशन प्रक्रियाओं में सफलता हासिल कर लेते हैं और तब तक बोर्ड परीक्षाओं के नतीजे घोषित नहीं होते हैं, तो उनको प्रोविजनल बेसिस पर एडमिशन दिया जा सकता है। लेकिन एडमिशन की पुष्टि तभी होगी। जब छात्र बोर्ड परीक्षा में कम से कम तय सीमा के एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया को पूरा करते हुए नंबर लाएंगे।

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Shreya Sinni

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