बिहार में बच्चों के स्कूल खोलने को लेकर अपनाई वेट एंड वॉच की पॉलिसी

कई स्कूल में शिक्षक से लेकर हेड मास्टर तक के कोरोना पॉजिटिव की ख़बर 

बहुत ही लंबे अंतराल के बाद यानी तक़रीबन 9 महीने  के बाद बिहार में स्कूल खोले गए हैं मगर स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या में अभी तक कोई वृद्धि नहीं हुई है।एवं इसके साथ ही कुछ स्कूलों के टीचर्स के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने पर सरकार काफ़ी असमंजस में भी पड़ी हुई है।

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हम आपको बता दें कि कोरोना और लॉकडाउन के वजह से 9 महीने से बंद पड़े  बिहार के स्कूलों और कॉलेजों को इस 4 जनवरी 2021 से खोला गया है। मगर छोटे छोटे बच्चों को स्कूल भेजने को लेकर सरकार अभी भी संशय में दिख रही है। इसलिए सरकार स्कूलों को खोलने को लेकर अभी भी  वेट एंड वॉच की पॉलिसी को अपना रही है।

नौवीं से बारहवीं कक्षा तक के छात्रों के लिए खोले गए स्कूल 

कब खुलेंगे स्कूल: जानिए कब तक स्कूलों के खुलने की है उम्मीद | ET Hindi

जानकारी के मुताबिक़ बिहार में 10 दिनों के बाद क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक होने वाली है और इसके बाद ही यह फैसला लिया जाएगा कि छोटे बच्चों के ये स्कूल अभी खोले जाएंगे की नहीं। दरअसल राज्य में अभी कक्षा नौवीं से बारहवीं तक के छात्रों के लिए स्कूल खोले गए हैं और इसमें औसतन 50 फ़ीसदी छात्रों को रोज बुलाया   जा रहा है। एवं  कोरोना के मामलों को ध्यान देते हुए सरकार ने अभी तक निम्न वर्ग अर्थात लोअर क्लास में पढ़ने वाले छात्रों को लेकर कोई भी निर्णय नहीं लिया है।


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बिहार में लोगों के मन में कोराना को लेकर अभी भी स्थित भय

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ग़ौरतलब है कि बिहार सरकार ने बताया है कि अभी तक जिन स्कूलों को खोला गया है। उन सबमें केवल मात्र वहीं छात्र पढ़ने आ रहे हैं जिनके अभिभावक अपने बच्चों को भेजना चाह रहे हैं। मगर इन सबके बावजूद छात्रों की संख्या काफी कम बताई जा रही है। छात्रों की कमी को देखते हुए ये मानना मुश्किल नहीं है कि लोगों के मन में अभी भी कोराना को लेकर काफी भय बना हुआ है।और इसी मामले को ध्यान में रखते हुए सरकार छोटे छोटे बच्चों को स्कूल भेजने का कोई भी रिस्क फिलहाल नहीं उठाना चाहती है। सरकार की ओर से जारी किए गए तमाम तरीके के गाइड लाइन के बावजूद इन छोटे बच्चों के स्कूलों के फिलहाल  खुलने के आसार कम ही दिखाई पड़ रहे हैं।

बता दें कि बिहार राज्य में अभी तक कोरोना के केस लगातार ही सामने आ रहे हैं और स्कूलों को खोलने के बाद से कई मामले ऐसे सामने आए हैं। जहां कई शिक्षक से लेकर  हेडमास्टर तक के कोरोना पॉजिटिव होने की खबर आई है और इसलिए स्कूल खुलने से अभी  कोरोना के संक्रमण वाले खतरों को किसी भी हालत में इंकार नहीं किया जा सकता है।

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