एनडीटीवी की पूर्व पत्रकार निधि राज़दान हुई फिशिंग का शिकार

निधि राज़दान अपने एक ट्वीट के वजह से लगातार सुर्खियों में

एनडीटीवी की पूर्व जानी-मानी पत्रकार निधि राज़दान सोशल मीडिया पर किए गए अपने एक ट्वीट के वजह से लगातार सुर्खियां बटोर रही हैं। सोशल मीडिया से लेकर मेंस्ट्रीम मीडिया तक हर जगह पर चर्चा में हैं और इसका कारण उनके द्वारा किया गया एक ट्वीट है।

निधि राज़दान

शुक्रवार को निधि राजदान ने ट्वीट कर कहा कि उनके साथ ऑनलाइन धोखा हुआ है जिसके तहत उन्हें हावर्ड यूनिवर्सिटी में एसोसिएट प्रोफेसर की नौकरी की पेशकश की गई थी लेकिन वह बताती हैं कि सब कुछ एक धोखा है। ग़ौरतलब है कि इसी नौकरी के लिए उन्होंने एनडीटीवी से इस्तीफा दिया था। वह अपने ट्वीट में लिखती हैं कि “मैं एक बहुत ही गंभीर फिशिंग हमले की शिकार हुई हूं”।

फिशिंग एक तरीके का ऑनलाइन फ्रॉड माना जाता 

निधि राज़दान

आपको बता दें कि फिशिंग एक तरीके का ऑनलाइन फ्रॉड माना जाता है। इसके जरिए उपयोगकर्ताओं को अपनी निजी जानकारियां जैसे बैंक डीटेल्स या पासवर्ड शेयर करने को कहा जाता है। इस फ्रॉड में शामिल लोग खुद को बिल्कुल सही एवं प्रतिष्ठित कंपनी का प्रतिनिधित्व बताते हैं। इसके तहत सामने वाले को यकीन दिला कर उनसे निजी जानकारियां हासिल कर ली जाती है।

फिशिंग का शिकार हुए लोगों को लगता है कि उनसे प्रतिष्ठित कंपनी के द्वारा संपर्क किया गया 

इस प्रकार के ऑनलाइन हमलावर पहले यूजर्स को मैसेज करते हैं फिर मेल के जरिए उनसे संपर्क करते हैं और जरूरत पड़ने पर कॉल भी करते हैं। फिशिंग का शिकार हुए लोगों को लगता है कि उनसे प्रतिष्ठित कंपनी के द्वारा संपर्क किया जा रहा है लेकिन यह एक ऑनलाइन फ्रॉड होता है।

त्याेहाराें पर लाॅटरी, गेमिंग और शाॅपिंग के नाम पर हाे रहा है फ्राॅड; ऐसी वेबसाइट्स पर बैंक डिटेल्स देने से बचें ~ Money Bhai

ज्यादातर मामलों में धोखाधड़ी से अनजान लोग अपने निजी डेटा को शेयर कर देते हैं जो उनकी बड़ी गलती साबित होती है। उन्हें एक वेबसाइट दिया जाता है जहां पर उनसे उनकी निजी जानकारियां मांगी जाती है। जैसे ही लोग अपनी जानकारी वेबसाइट तक पहुंचाते हैं साइबर हमलावर उन्हें लूट लेते हैं। लोगों को बहला कर उनसे निजी जानकारियां हासिल करना अभी भी साइबर हमलावर का सबसे आसान तरीका है।

और पढ़ें :व्हाट्सएप के नए प्राइवेसी अपडेट पर बड़ा विवाद, फिलहाल प्लान को रोका गया

उपयोगकर्ताओं को ऐसी जालसाजी से बचने की जरूरत है

निधि राज़दान

निधि राजदान कोई जानी मानी शख्सियत नहीं है जो इस फिशिंग की शिकार हुए हैं इससे पहले भी कई सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने खुद पर हुए फिशिंग हमले के बारे में जानकारी दी है। हमें ऐसी जालसाजी से बचने की जरूरत है। अनजान जगह से आने वाला मैसेज या कॉल से सतर्क रहना आवश्यक है। जितनी भी बड़ी कंपनियां है वह कभी भी आपकी निजी जानकारी फोन या मेल के द्वारा नहीं मांगेगी।

Digiqole Ad Digiqole Ad

Aparna Vatsh

Related post