उत्तर प्रदेश में इमरजेंसी लाइट से लगाए गए मरीज़ को टांके

उत्तर प्रदेश अस्पताल का चौंका देने वाला कारनामा

उत्तर प्रदेश से लगभग हमेशा ही कोई न कोई चौंका देने वाली घटना सामने आती रहती है। मगर अब तो डॉक्टरों ने भी इस दल में अपना नाम लिखवा लिया है और वे भी अपनी हदें पार कर रहें हैं। उत्तर प्रदेश के सरकारी अस्पतालों की लापरवाहीं इस तरह सामने आ सकती है। जैसा आपने कभी सोचा भी न होगा। दरअसल यह कारनामा उत्तर प्रदेश के बलिया जिले की है।

उत्तर प्रदेश

जहां जिला अस्पताल में बिजली चले जाने पर एक मरीज़ को इमरजेंसी लाइट में टांके लगाए गए हैं। वहीं लाइट न होने के कारण से डॉक्टरों द्वारा इमरजेंसी लाइट के ज़रिए टांके लगाने के मामले को लेकर एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी वायरल होता नज़र आ रहा है।


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आधिकारिक ने कहा चेंजर को बिजली से जनरेटर में स्विच करने के लगता अधिक समय

जानकारी के मुताबिक़ उत्तर प्रदेश के सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों द्वारा की गई इस लापरवाही भरे कार्य की काफ़ी निंदा हो रही है। बलिया के सरकारी डॉक्टर्स ने बताया कि लाइट नहीं थीं एवं जिस कारण से मरीज को इमरजेंसी लाइट की रोशनी की मदद से टांके लगाने पड़े हैं।

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ग़ौरतलब है कि इस मामले पर जब सरकारी अस्पताल के आधिकारिक अधिकारी बीपी सिंह से सवाल किया गया तो उन्होंने उत्तर में कहा कि बिजली विभाग ने इस बात की घोषणा की थी कि कल सुबह 9 बजे से लेकर शाम के 5 बजे तक बिजली कटी रहने वाली है। इतना ही नहीं आधिकारिक अधिकारी बीपी सिंह ने आगे बताया कि इलाज़ के दौरान हम अपने अस्पताल में जनरेटर का इस्तेमाल कर रहे थे। मगर चेंजर को बिजली से जनरेटर में स्विच करने के वक्त थोड़ा अधिक समय लगता है और यहीं कारण है कि बलिया के सरकारी डॉक्टर्स द्वारा उस वक्त मरीज़ का इलाज़ करने के लिए इमरजेंसी लाइट का इस्तेमाल किया गया है।

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