छत्तीसगढ़: बिलासपुर के शेल्टर होम में महिलाओं से दैहिक शोषण का मामला

शेल्टर होम में महिलाओं से दैहिक शोषण का मामला

महिलाओं के साथ होते दुष्कर्म के मामलों में बढ़ोतरी से देश की क़ानून व्यवस्था कटघरे में आ गई है। महिलाओं के लिए विभिन्न राज्यों में बने शेल्टर होम जहां बेसहारा महिलाओं को सहारा देने के लिए बनाए जाते हैं। उन्हीं शेल्टर होम में महिलाओं से शोषण का मामला सामने आया है। इस मामले के सामने आते ही महिलाओं की सुरक्षा पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। दरअसल छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में स्थित उज्जवला शेल्टर होम में महिलाओं से शोषण की घटना सामने आई है। वही शेल्टर होम प्रबंधक के खिलाफ एफ़आईआर भी दर्ज किया जा चुका है।

शेल्टर होम

यह था पूरा मामला, जानें 

दरअसल बिलासपुर जिले में उज्ज्वला शेल्टर होम में महिलाओं के साथ शारीरिक शोषण का मामला सामने आया है। यह मामला तब सामने जब एक महिला के पति, पिता उससे मिलने पहुंचे। दरअसल 17 जनवरी को शेल्टर होम में एक महिला के पति तथा उनके परिजनों उससे मिलने पहुंचे। लेकिन शेल्टर होम प्रबंधक ने उन्हें महिला से मिलने की इजाज़त नहीं दी। उसी समय शेल्टर होम की खिड़कियों से जोर जोर से चिल्लाने की आवाज़ सुनाई दी तथा बचाने की गुहार लगाई गई। यह सब सुन महिला के परिजनों ने इस मामले की सूचना पुलिस को दी। लेकिन पुलिस ने शारीरिक दुष्कर्म का मामला दर्ज करने के बजाए सिर्फ मारपीट व दुर्व्यवहार का मामला दर्ज किया। जिससे पुलिस की भूमिका पर प्रश्नचिन्ह खड़े हो चुके हैं।

महिलाओं ने दायर की लिखित शिकायत

शेल्टर होम

शेल्टर होम में रहने वाली दो महिलाओं ने लिखित शिकायत दर्ज की। जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया। वहीं दूसरी 4 महिलाओं ने सीएसपी के समक्ष अपने बयान दर्ज करवाए हैं। लेकिन बताया जा रहा है कि महिलाओं ने दैहिक शोषण के बारे में पुलिस को बताया। फिर पुलिस ने सिर्फ मारपीट व दुर्व्यवहार के तहत मामला दर्ज किया। वहीं दूसरी और बिलासपुर सरकंडा पुलिस थाने के प्रभारी जेपी गुप्ता का कहना है कि शेल्टर होम कि दो महिलाओं ने वहाँ की कर्मचारी नीलिता खुटे के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है। इस शिकायत में उन्होंने बताया है कि नीलिता महिलाओं को उनके परिजनों से मिलने नहीं देती थी और यदि से मिलना चाहती थी तो उन से मारपीट करके उन्हें कमरे में बंद कर देती थी। महिलाओं की शिकायत पर पुलिस ने नीलिता खुटे के खिलाफ 323, 342 और 296 धारा के तहत मामला दर्ज किया है। वही शारीरिक शोषण को लेकर पुलिस ने कहा कि उन्हें अभी तक नशीली दवाई दी जाने और शारीरिक शोषण की कोई शिकायत नहीं मिली है इसलिए अभी इस मामले में जांच की जा रही है।


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मुज़फ़्फरनगर शेल्टर होम जैसी घटना की आशंका

शेल्टर होम

उज्ज्वल शेल्टर होने की यह घटना मुज़फ़्फरनगर शेल्टर होम में घटी दुष्कर्म की घटना जैसी है। बिलासपुर से समाजिक कार्यकर्ता अनुज सक्सेना का कहना है कि यहां की महिलाओं को नशीली दवाई देकर उनका शोषण किया जाता है। वहीं उनसे देह व्यापार भी करवाया जाता है। लेकिन पुलिस इस मामले को गंभीरता नहीं दिखा रही। वहीं दूसरी अन्य सामाजिक कार्यकर्ता कार्यकर्ता व हाई कोर्ट बिलासपुर में प्रेक्टिस कर रही अधिवक्ता प्रियंका शुक्ला ने भी सोशल मीडिया के जरिये प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए है।

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