700 से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों के पास खुद के भवन नहीं

700 से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों के पास खुद के भवन नहीं

राज्य सरकार द्वारा जारी दिशनिर्देशों के अनुसार फरवरी के महीने से कंटेनमेंट जोन के बाहर स्थित आंगनबाड़ी केंद्रो का काम सोमवार से शुरू होना है। लेकिन केंद्रपाड़ा जिले में 700 से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों के पास खुद के भवन नहीं है। जिस कारण से एक बात तो निश्चित है कि इन केंद्रों पर आने वाले बच्चों को पास के स्कूलों या घरों के बरामदे में बैठना पड़ेगा।

आंगनवाड़ी

बता दें कि यह परियोजना 2019 में शुरू की गई थी मगर अभी भी 419 आंगनवाड़ी केंद्रों की इमारतें आधी-अधूरी अवस्था में पड़ी हुई है। इस मामले पर एक सामाजिक कार्यकर्ता बनंबर साहू के ने कहा कि जिले के एक आंगनवाड़ी केंद्र में असहाय बुजुर्गों को भोजन और सुरक्षा प्रदान करने से लेकर टीकाकरण तक विभिन्न योजनाएं और कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। अगर अभी भी जिले के कुल आंगनवाड़ी केंद्रों में से एक चौथाई में अपनी इमारतें नहीं हैं तो यह नौकरशाही जड़ता के कारण है।

चालू वित्तीय वर्ष के अंत तक 492 आंगनवाड़ी केंद्रों के कार्यों को पूरा करने का लक्ष्य

हम आपको बता दें कि निर्माण कार्यों के लिए आवश्यक धनराशि पहले ही जारी की जा चुकी है। फिर भी औल, देराबिश, गरदपुर, केंद्रपाड़ा, महाकालपारा, मरशाघई, पट्टुकुंडई, राजकनिका और राजनगर में क्रमशः 68, 46, 22, 52, 51, 32, 60, 44 और 46 आंगनवाड़ी केंद्रों पर निर्माण कार्य संपूर्ण होना बाकी है। वहीं एक अन्य सामाजिक कार्यकर्ता, प्रताप चंद्र पाढ़ी ने बताया कि केंद्रपाड़ा जिले के नौ ब्लॉकों में एकीकृत बाल विकास सेवा कार्यक्रम के तहत कुल 2,147 आंगनवाड़ी केंद्र हैं। जिनमें से चालू वित्तीय वर्ष के अंत तक 492 केंद्रों के निर्माण कार्यों को पूरा करने के लिए लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं।


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राजनीतिक हस्तक्षेप बना रही इन विषयों को ख़राब

आंगनवाड़ी

ग़ौरतलब है कि सौ से अधिक आंगनवाड़ी केंद्र भवनों के निर्माण के अनुमति देने के बाद भी अभी तक कोई प्रगति नहीं हुई है। इस मामले पर एक पट्टामुंडई निवासी संतोष कुमार बिस्वाल ने कहा कि राजनीतिक हस्तक्षेप इस विषय को ख़राब बना रही है।राजनीतिक दल अक्सर ही विभिन्न मुद्दों पर उलझ जाती है।उन्होंने कहा कि  राजनीतिक दलों को समाज में सुविधा पहुंचाने के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ काम करना चाहिए। जानकारी प्राप्त करने पर DSW, चिन्मयी रथ ने बताया कि पहले प्रदान किए गए फंड एक आंगनवाड़ी केंद्र की इमारत के निर्माण के लिए पर्याप्त नहीं थे।और एमजीएनआरईजीएस (MGNREGS ) के तहत इसे लगाने के बाद,आंगनवाड़ी केंद्रों के निर्माण कार्यों में तेजी देखी गई है।  

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