भगवान राम के अकाउंट में 1000 करोड़ रूपए मौजूद लेकिन 1.7 मिलियन आबादी आज भी सड़क पर

अयोध्या में भगवान राम लला तेज़ी से देश के सबसे अमीर भगवान बन रहे हैं। राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने दावा किया कि राम मंदिर ट्रस्ट के तीन बैंक खातों में अब तक 1,000 करोड़ रुपये से अधिक जमा किए गए हैं। इसमें से आधे से ज्यादा पैसे 500 करोड़ रुपये से राम मंदिर ट्रस्ट ने भगवान के तीन बैंक खातों को में सिर्फ दस दिनों में ही जमा किए है।


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बैंको से आधिकारिक आंकड़े में एक हज़ार करोड़ से भी ज्यादा हो सकता है

देश के अनेक वर्गो और  विभिन्न क्षेत्रों के लोगों ने दान संग्रह यात्रा  के दौरान दान किया है। हालांकि बैंकों को अभी अंतिम आंकड़ा नहीं दिया गया है, लेकिन यह 1,000 करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है।

दान संग्रह ड्राइव के बात करे तो, पहले 15 दिनों में यानी जब 15 जनवरी को ड्राइव लॉन्च किया गया था तब तो ट्रस्ट ने 500 करोड़ रुपये एकत्र किए थे। शेष  500 करोड़ रुपये को केवल अगले 10 दिनों में ही जोड़ा गया। दान की गति से, जो देश और दुनिया के सभी हिस्सों से आ रहे हैं, इस ट्रस्ट के 27 फरवरी तक ड्राइव खत्म होने पर 2,000 करोड़ रुपये एकत्र करने की संभावना है।


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 डोर टू डोर डोनेशन के लिए लाखों VHP और अन्य कार्यकर्ता है तैनात

ट्रस्ट ने 1.5 लाख से अधिक वीएचपी और अन्य स्वयंसेवकों को देशव्यापी डोर टू डोर डोनेशन संग्रह के लिए तैनात किया है। लगभग 37,000 स्वयंसेवकों को तीन बैंकों  भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और पंजाब नेशनल बैंक में भगवान राम के खातों में दान चेक जमा करने का काम सौंपा गया है।

इसके अलावा 10, 100 और 1000 रुपये के मूल्यवर्ग में कूपन ले कर, ये स्वयंसेवक अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण के लिए योगदान के लिए ‘निधि सम्मान अभियान’ के दौरान देश के हर घर तक पहुंच रहे है।

मुख्यमंत्री के अयोध्या दौरे के बाद मंदिर निर्माण की गति भी बढ़ाई गई है

कुछ दिनों पहले सीएम योगी आदित्यनाथ के दौरे के बाद राम मंदिर की नींव खोदने के काम को गति मिली है। 15 फीट गहरी खाई पहले ही खोदी जा चुकी है। वहीं यह सुनिश्चित करने के लिए की मंदिर हजारों साल तक सही रहे और सरयू नदी के बदल जाने पर भी कोई नुकसान नहीं हो इसे 40 से 50 फीट  और गहरी की जाएगी।


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पत्थरों की नक्काशी के लिए 67 एकड़ के परिसर में एक नई कार्यशाला का निर्माण किया जा रहा

कार्यशाला के प्रमुख निखिल सोमपुरा ने दावा किया कि नक्काशी को गति देने के लिए गुजरात और राजस्थान से और भी अधिक कारीगरों को बुलाया जाएगा।

अयोध्या विकास प्राधिकरण (एडीए) ने भी मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार मंदिर शहर को विश्व स्तरीय शहर बनाने के लिए कमर कस ली है। प्राचीन अयोध्या के सौंदर्यीकरण का खाका तैयार करने के लिए एडीए ने दो भारतीय फर्मों के साथ कनाडा की एक कंपनी को शामिल किया है।

कनाडा की कंपनी, एलआरए एसोसिएट्स साउथ एशिया प्राइवेट लिमिटेड, ने पहले आंध्र प्रदेश में मंदिर शहर तिरुपति विकसित किया था। भारतीय फर्म लार्सन एंड टुर्बो और कुकरेजा आर्किटेक्ट्स कनाडाई फर्म के साथ मिलकर ब्लूप्रिंट और विजन डॉक्यूमेंट तैयार करेंगे और ट्रस्ट से मंजूरी मिलने के बाद उसी पर अमल करेंगे।

भारत में आज भी लाखों लोग सड़क पर रहते हैं जिनके पास खाने के लिए कुछ भी नहीं

इंडिया स्पेंड की एक रिपोर्ट के मुताबिक 1.7 मिलियन से अधिक लोगों के पास रहने की जगह नहीं है। इस रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि इनमें से सिर्फ़ 18% लोगों को ही पीडीएस यानी पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन स्कीम के तहत राशन मिल पाता है। 40% लोगों के पास लॉकडाउन के दौरान किसी भी तरह की सरकारी योजना का लाभ नहीं पहुंचा था।

ऐसे में हमारे देश में एक भगवान के बैंक अकाउंट में 1000 करोड़ रूपए मौजूद हैं.

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