बिहार में करोड़ों रुपए का डाकघर घोटाला, खाताधारकों के अकाउंट से कर्मियों ने मिलकर पैसे लूटे

बिहार में करोड़ों रुपए का डाकघर घोटाला सामने आया

पटना के लाल बहादुर शास्त्री नगर उप डाकघर में हुए लगभग एक करोड़ के घोटाला का मुख्य आरोपी डाकपाल सुजीत कुमार के खिलाफ चार्जशीट दायर की गई है। इस मामले के बाद चार्जशीट पर सुनवाई भी शुरू हो चुकी है। डाक विभाग के पटना डिवीजन के आधिकारिक सूत्रों के हवाले से खबर मिली है कि अधिकारियों ने अपनी जांच रिपोर्ट पटना डिवीजन के वरीय डाक अधीक्षक को सौंप दी है।

डाकघर घोटाला

ग़ौरतलब हो कि जब इस घोटाले के बारे में खबर फैली शुरू हुई तो डाक विभाग ने डाकपाल वसुधा सिन्हा और सहायक डाकपाल सुजीत कुमार को अक्टूबर के महीने में ही निलंबित कर दिया था। इसी बीच शास्त्री नगर के उप डाकघर में घोटाले की राशि अन्य डाकघरों से निकाली गई थी।

पैसे रिकवरी के लिए पत्र जारी किया गया 

जानकारी के मुताबिक पटना डिवीजन के तहत आने वाले करीब एक दर्जन डाकघरों के पोस्ट मास्टर और अन्य कर्मचारियों से पैसे की रिकवरी के लिए पत्र जारी किया गया है। आपको बता दें इन डाकघरों में 10 हजार से लेकर लाखों रुपए की निकासी की गई थी। इसी बीच कई कर्मचारियों ने विभाग में पैसे भी जमा कर दिए हैं। कुछ पोस्ट मास्टर और डाक विभाग के कर्मचारी संगठन बड़े पद पर हैं। ग़ौरतलब हो कि अख़बार एजेंसी प्रभात खबर ने 16 अक्टूबर को इस घोटाले का भंडाफोड़ किया था।


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डाकघर घोटाला 2017 से 2019 के बीच की

डाकघर घोटाला

आपको बता दिया घोटाला आज की तारीख का नहीं बल्कि 2017 से 2019 के बीच का है। इतना ही नहीं यह घोटाला करोड़ों रुपए का है जो की मंथली इनकम स्कीम और फिक्स्ड डिपॉजिट से जुड़ा है। एक खुलासा यह भी हुआ है कि कर्मचारियों ने वैसे खाताधारकों को अपना निशाना बनाया जिनके खाते से सालों से किसी तरीके का ट्रांजैक्शन नहीं हुआ है ताकि किसी को शक ना हो।

सभी निकासी मैनुअल खाते से की गई है। इस घोटाले का खुलासा सबसे पहले प्रभात खबर ने किया था जिसके बाद ही पूरे डाकघर विभाग में हलचल पैदा हो गई। उस वक्त डाक विभाग ने कार्रवाई करते हुए 2 कर्मचारियों को निलंबित कर दिया था लेकिन अब धीरे-धीरे इस घोटाले के सारे चेहरे सामने आ रहे हैं। यह घोटाला एक दो लोगों का नहीं बल्कि पूरे कर्मचारी द्वारा किया गया है। फिलहाल मामला अदालत में है और सुनवाई जारी है।

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Aparna Vatsh

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