कुलपति के दौरे के बाद एनएलएस कॉलेज के 16 शिक्षक निलंबित, विरोध में उतरे कई छात्र-शिक्षक संघ

एनएलएस कॉलेज के 16 शिक्षक निलंबित

शुक्रवार 19 फरवरी को जयप्रकाश विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा एनएलएस कॉलेज का अचानक निरीक्षण किया गया। कुलपति ने कॉलेज का निरीक्षण किया और इस दौरान 9 शिक्षक बिना सूचना के ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए।

एनएलएस कॉलेज

जिसके बाद राजेंद्र कॉलेज के तत्कालीन प्राचार्य समेत 12 नए शिक्षकों के निलंबन को लेकर फरमान जारी कर दिया था। लेकिन निलंबन की इस कार्यवाही का चौतरफा विरोध शुरू हो चुका है। शिक्षक और छात्र संघो का यह दावा है कि इनका निलंबन स्थापित परंपराओं के उल्लंघन के आरोप में किया गया तथा उन्होंने इसे विचारधारात्मक हमला कहा है।

यह था एनएलएस कॉलेज का पूरा मामला

जयप्रकाश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर फारूक अली द्वारा शुक्रवार 19 फरवरी को सुबह 8:00 बजे नंदलाल सिंह कॉलेज का निरीक्षण किया गया। कुलपति के अचानक निरीक्षण से शिक्षा कर्मियों के बीच हड़कंप मच गया। जब कुलपति ने शिक्षकों का निरीक्षण किया तो उसमें पाया गया कि करीब 9 शिक्षक बिना सूचना के ड्यूटी के समय मौजूद नहीं थे।

इन शिक्षकों में डॉ. कमल जी, डॉ. भगवान ठाकुर, डॉ. एस डी शर्मा, अमृत प्रजापति, डॉ. दिनेश पाल शामिल थे। जब इन शिक्षकों के संबंध में पूछा गया तब पता चला कि शिक्षक डॉ दिनेश पाल ने सीएल के लिए आवेदन किया था। वही डॉक्टर शंभू नाथ प्रभाकर 11, 12, 13, 15, 18 फरवरी को नहीं आए। दूसरी ओर डॉक्टर रूबी और डॉक्टर धनंजय 18 फरवरी, डॉ मृत्युंजय कुमार सिंह 17 व 18 फरवरी को उपस्थित नहीं थे। जिसके बाद इन शिक्षकों के निलंबन के लिए फरमान जारी किया गया।


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निलंबन का शिक्षक और छात्र संघों ने किया विरोध

इन 16 शिक्षकों के निलंबन के बाद से ही कई शिक्षक संघ, छात्र संघ और एमएलसी ने कार्यवाही को गलत बताकर इसका विरोध शुरू कर दिया है। इसके अंतर्गत अखिल भारतीय विवि और कॉलेज शिक्षक संगठन ने इस कार्यवाही को गलत बताया है। उन्होंने मांग की है कि इन शिक्षकों को निलंबन से मुक्त किया जाए। इनसे जुड़े लोगों का कहना है कि बिना शो कॉज और वस्तुस्थिति की जांच किए जल्दबाजी में लोगों को ऐसे निष्कासित करना गैर कानूनी और दुर्भावनापूर्ण भी है।

एनएलएस कॉलेज

ग़ौरतलब है कि जयप्रकाश विश्वविद्यालय के शिक्षक संघ प्रोफेसर रंजीत कुमार ने दावा किया है कि पहले भी इन शिक्षकों में से प्रभारी समेत अन्य 12 शिक्षकों को राजेंद्र महाविद्यालय में आयोजित राजेंद्र जयंती के समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रम में स्थापित मूल्यों और परंपराओं के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए इन पर वेतन वृद्धि में रोक तथा महंगाई भत्ता संबंधित दंड दिया जा चुका है। उन्होंने कहा कि एक बार फिर उसी अपराध के लिए इन्हें निलंबित किया जा रहा है। निलंबन का विरोध करने वाले शिक्षक संघों में राजेंद्र कॉलेज शिक्षक संघ, एस एफ आई, विधान पार्षद समेत कई अन्य लोग भी शामिल है।

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