Lockdown Diaries: “खाने के लिए कुछ था नहीं तो 14 साल की बेटी का बियाह कर दिए, कुछ तो बोझ कम होगा.”

लॉकडाउन के बाद से बिहार में दलित परिवारों की स्थिति काफ़ी ख़राब हो चुकी है. ज़्यादातर दलित परिवार दैनिक मज़दूर होते हैं. कई ऐसे परिवार भी हैं जिनके पास खाने को कुछ भी नहीं है और उनतक सरकारी योजनायें भी नहीं पहुँचती हैं. ऐसे में दलित परिवार की कई बच्चियों की शादी 13-14 साल की उम्र में भी कर दी गयी है. देखिये सिम्पी की रिपोर्ट.

 

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