अग्निवीर योजना: क्या युवाओं को तोड़ने की एक और योजना साबित होगी?

मंगलवार को भारतीय सेना के तीनों प्रमुखों ने सेना में छोटी अवधि की नियुक्तियों को लेकर अग्निपथ नीति की घोषणा की है, जिसके बाद से इसकी आलोचना शुरू हो गयी है. रक्षा विशेषज्ञ से लेकर रिटायर्ड आर्मी, नेवी और एयरफोर्स ऑफिसर ने भी इसके दुष्परिणाम बताए हैं. बिहार के अलग-अलग शहरों में छात्रों का प्रदर्शन शुरू हो गया है. अग्‍न‍िपथ योजना बिहार के युवाओं को पसंद नहीं आ रही है. यही वजह है कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा अग्‍न‍िवीरों के लिए अग्‍न‍िपथ योजना की घोषणा किए जाने के अगले ही दिन बिहार के अलग-अलग शहरों में हंगामा शुरू हो गया है.

(पटना के गांधी मैदान में चल रहा विरोध प्रदर्शन)

बक्‍सर में सेना भर्ती की तैयारी करने वाले युवाओं ने ट्रेनों का परिचालन बाधित किया तो मुजफ्फरपुर में आगजनी पर उतारू हो गए. बेगूसराय में भी हंगामा हो रहा है. मुजफ्फरपुर में सेना भर्ती की तैयारी करने वाले युवा बुधवार की सुबह होते ही सेना भर्ती बोर्ड के कार्यालय पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया. मुजफ्फरपुर में हंगामा कर रहे छात्रों का आरोप है कि वो लोग दो साल पहले सेना की शारीरिक दक्षता परीक्षा पास करके बैठे हैं लेकिन उन्हें अभी तक बहाल नही किया गया है. उनका कहना है कि नौकरी की उनकी उम्र गुजर रही है लेकिन सेना ने भर्ती प्रक्रिया रोक रखी हैं. बक्सर में भी छात्रों ने घंटो रेलवे ट्रैक को जाम करके रखा और बेगूसराय में NH-31 को जाम कर अपना विरोध जताया. प्रदर्शनकारियों की मांग है कि अग्निपथ भर्ती प्रक्रिया रद्द हो और पुरानी भर्ती प्रक्रिया वापस हो.

फतुआ के रहने वाले राहुल इस प्रक्रिया के आने के बाद से दुविधा में हैं. राहुल ने बताया कि

मैं  नवंबर  2020 से एयरफोर्स की Y ग्रुप की परीक्षा पास करके बैठा हूं. लेकिन जब से अग्निपथ नीति की घोषणा हुई है, मै दुविधा में हूं कि आख़िर मेरा बहाली होगा भी या नहीं. दो सालों से मैं बहाली का इंतजार कर रहा हूं.

मंगलवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भारतीय सेना के तीनों प्रमुखों के साथ मौजूद थे. रक्षा मंत्री ने कहा कि

यह योजना देश के युवाओं को भारतीय सशस्त्र बल में शामिल होने का सुनहरा अवसर देगा. अग्निपथ योजना में भारतीय युवाओं को बतौर अग्निवीर सशस्त्र बलों में शामिल किया जाएगा. यह देश की सुरक्षा को मजबूत करने और हमारे युवाओं को सैन्य सेवा का अवसर प्रदान करने के लाया गया है. आप सब इस बात से जरुर सहमत होंगे की सम्पूर्ण राष्ट्र खासकर के हमारे देश के युवा सेना को सम्मान की दृष्टी से देखते हैं. अपने जीवन काल में प्रत्येक बच्चा सेना की वर्दी धारण करने की तमन्ना रखता है.

गया के रहने वाले रोहित बीपीएससी की तैयारी करतें हैं लेकिन केंद्र सरकार की इस योजना से काफी चिंतित हैं. रोहित कहते हैं कि

इस तरह देश की सुरक्षा को हल्के में नही लेना चाहिए. देश के दो संवेदनशील बॉर्डर पाकिस्तान और चीन पर जब इन युवाओं को भेजा जाएगा तो क्या उनमें उनका सामना करने की क्षमता होगी? सरकार को देश कि सुरक्षा के हिसाब से सोचना चाहिए. जब चार साल के लिए युवाओं को सेना या अन्य विभागों में बहाल किया जाएगा तो उनमे देशभावना का अभाव होगा. ये तो टूर एंड ट्रेवल की तरह होगा जहां सिर्फ चार सालों के लिए युवा जाएंगे और घूम कर वापस आ जाएंगे.

राजनाथ सिंह ने कहा

युवाओं को यह फ़ायदा भी होगा कि उन्हें नई-नई तकनीक के लिए आसानी से प्रशिक्षित किया जा सकेगा. उनकी सेहत और फिटनेस का स्तर भी बेहतर होगा. अग्निपथ योजना के अंतर्गत यह प्रयास किया जा रहा है कि भारतीय सशस्त्र बलों का प्रोफ़ाइल उतना ही युवा हो जितना कि भारतीय आबादी का है.

रक्षा मंत्री ने कहा, ”अग्निपथ’ योजना से रोज़गार के अवसर बढ़ेंगे. अग्निवीर सेवा के दौरान अर्जित स्किल और अनुभव से उन्हें विभिन्न क्षेत्रों में रोज़गार प्राप्त होंगे. अग्निवीरों के लिए एक अच्छी पे पैकेज, चार साल की सेवा के बाद सेवा निधि पैकेज और एक ‘मृत्यु और विकलांगता पैकेज की भी व्यवस्था की गई है.”

‘अग्निपथ’ थल सेना, वायु सेना और नेवी में भर्ती होने के लिए एक अखिल भारतीय योग्यता- आधारित भर्ती योजना है. केंद्र सरकार के इस महत्वाकांक्षी योजना में युवाओं को कम उम्र में सैन्य प्रशिक्षण के साथ-साथ स्वरोजगार के लिए भी तैयार किया जाएगा. इसमें पहले साल 45,000 हजार युवाओं को शामिल किया जाएगा. नेवी चीफ एडमिरल आर. हरी कुमार ने कहा कि अग्निवीर योजना के तहत महिलाएं भी शामिल हो सकती है.

राजनाथ सिंह ने कहा कि  इस योजना के तहत शामिल युवाओं को चार साल की अवधि पूरी होने के बाद उनके  25 प्रतिशत को आगे की सेवा के लिए रिटेन किया जाएगा जिन्हें ‘अग्निवीर’ कहा जाएगा.

उन्हें आगे सेवा में रेगुलर होने के लिए छह महीने की और ट्रेनिंग पूरी करनी होगी. इस सेवा में उन्हें पहले साल 30,000 और चौथे साल में पहूंचने पर 40,000 सैलरी दिया जाएगा. चार साल पूरे होने पर सभी उम्मीदवारों के लिए एक समग्र वित्तीय पैकेज, ‘सेवा निधि’ का भी प्रावधान है. अग्निवीर में शामिल युवा सेवा के दौरान यदि शहीद हो गए या दिव्यांग हो गए तो उन्हें आर्थिक मदद दिया जाएगा. शहीद होने पर अग्निवीर को सेवा निधि सहित एक करोड़ से अधिक की राशि दी जाएगी. उसके साथ ही बाकि बची नौकरी का वेतन भी दिया जाएगा. वही दिव्यांग हुए सैनिक को 44 लाख तक की राशि दी जाएगी, साथ ही बाकि बची नौकरी के साथ सेवा निधि भी दी जाएगी.

इस योजना का एलान करते हुए सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने कहा कि इस योजना को सभी सम्बंधित पक्षों से विस्तृत चर्चा और विचार विमर्श के बाद लाया गया है. अगले तीन महीने के अंदर भर्ती प्रक्रिया शुरू हो जाएगी.  अग्निविर नीति के तहत  साढ़े 17 साल से 21 साल के बीच के युवा का चयन किया जाएगा. अग्निवीरों को प्रशिक्षण अवधि सहित 4 वर्ष की सेवा अवधि के लिए एक अच्छे वित्तीय पैकेज के साथ भर्ती किया जाएगा. चार साल के बाद 25 फ़ीसदी तक अग्निवीरों को केंद्रीयकृत और पारदर्शी प्रणाली के आधार पर नियमित किया जाएगा. 100 फ़ीसदी उम्मीदवार नियमित संवर्ग में भर्ती के लिए बतौर वॉलन्टियर आवेदन कर सकते हैं.

रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत की सेना को विश्वस्तरीय सेना बनाने में अग्निपथ योजना की अहम भूमिका होगी.

भारत उन देशों में से एक है, जहां सेना में बड़ी संख्या में लोगों को रोज़गार मिलता है. भारतीय सेना में 14 लाख लोगों को नौकरी मिली हुई है. भारत के नौजवानों में सेना में जाने की तमन्ना बहुत लंबे समय से प्रबल रही है. ऐसे में भारत में रोज़गार की समस्या तो आएगी ही, साथ ही कई लोगों के सपने भी ख़त्म हो जायेंगे.

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Pallavi Kumari

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