कोरोना से लड़ने से बेहाल है बिहार सरकार उसपर से चमकी बुखार का कहर शुरू

जहां एक तरफ देश में कोरोना का कहर बढ़ता चला जा रहा और साथ ही कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या तीन लाख के पर जा चुका है. वहीं एक और बीमारी सामने आई है जो आजकल लोगों में नज़र आ रही है. बिहार में हर साल मॉनसून के समय चमकी बुखार का प्रकोप होता है, जिससे बहुत बड़ी संख्या में बच्चों की मौत हो जाती है, पिछले वर्ष 160 से ज्यादा बच्चों की मौत हो गई थी.

बिहार में अभी कोरोना के कहर से राहत भी नही मिली थी की अब मुज़फ़्फ़रपुर और उसके आस-पास के क्षेत्रों में चमकी बुखार यानी एईएस का कहर टूट पड़ा है. दरअसल चमकी बुखार वास्तव में एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम है.

इसे दिमागी बुखार भी कहा जाता है. यह इतनी खतरनाक और रहस्यमयी बीमारी है कि अभी तक विशेषज्ञ भी इसकी सही-सही वजह का पता नहीं लगा पाए हैं. चमकी बुखार में वास्तव में बच्चों के खून में सुगर और सोडियम की कमी हो जाती है, जिसके सही समय पर उचित इलाज नहीं मिलने की वजह से मौत हो सकती है.

हर साल मई और जून के महीने में बिहार के अलग-अलग कस्बे के बच्चे इस बीमारी की चपेट में आते हैं और बच्चों के मरने का सिलसिला शुरू हो जाता है. बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही और डॉक्टरों की असंवेदनशीलता ने पीड़ित बच्चों के परिजनों को और परेशान किया है. 1 से 15 साल की उम्र के बच्‍चे इस बीमारी से ज्‍यादा प्रभावित होते हैं.

गर्मियों में तेज धूप और पसीना बहने से शरीर में पानी की कमी होने लगती है, जिस वजह से डिहाइड्रेशन, लो ब्लड प्रेशर, सिरदर्द, थकान, लकवा, मिर्गी, भूख में कमी जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं. चमकी बुखार के लक्षण भी ऐसे ही हैं.

मुज़फ़्फ़रपुर के एसकेएमसीएच में इलाजरत दो बच्चों की मौत हो गई. इनमें से एक एईएस पीडि़त पूर्वी चंपारण के पीपरा सीताकुंड के निवासी धर्मेन्द्र साह की तीन वर्षीय पुत्री सृृष्टि कुमारी तथा दूसरी तेज बुखार व उल्टी-दस्त से पीडि़त रूपाली शामिल है.

दरअसल पूरी बात यही है कि सृष्टि को नौ जून की सुबह चमकी बुखार से पीडि़त होने पर पीकू वार्ड में भर्ती कराया गया था, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही बच्ची में एईएस की पुष्टि हुई थी. वहीं सोमवार सुबह करजा थाना के बड़कागाव तुलसी महतो की ढाई साल की बेटी रूपाली कुमारी को दो दिन पूर्व दस्त व चमकी से पीडि़त होने पर पीकू वार्ड में भर्ती कराया गया था.

जिले में अबतक इस चमकी बुखार यानी एईएस से पीडि़त बच्चों के मौत की संख्या छह पर पहुंच गई है. हालांकि उम्मीद यह है कि मौसम के सुधार के साथ साथ हो सकता है यह कहर भी जल्द ही कम हो जाए.

हमारे सूचना के अनुसार सिकंदरपुर के ढाई वर्षीय एंजल कुमारी, पूर्वी चम्पारण के कोटवा के सात वर्षीय अमित कुमार, सुगौली के 11 वर्षीय रंजना कुमारी, मिठनपुरा के 14 माह के आरती कुमारी, सीतामढ़ी पुरनैया के 11 वर्षीय कुंदन कुमार, मीनापुर के सात वर्षीय मो अरमान व अहियापुर के 30 माह के सनी कुमार को भी अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

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