PM KISAN योजना स्कैम: ग़रीबों को दिए जाने वालें पैसे अयोग्य लोगों को मिल गए 

PM KISAN योजना के पैसे अयोग्य लोगों को मिलें 

किसानों के लिए केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक PM KISAN योजना में एक बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। सरकार ने अपनी इस योजना के तहत 20.48 लाख अवांछनीय लाभार्थियों को 1,364 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत पूछे गए एक सवाल के जवाब में यह उत्तर दिया है।

PM KISAN योजना

पिछले लोकसभा चुनाव से पहले लॉन्च हुई थी यह योजना

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि  योजना के तहत सरकार तीन समान किस्तों में प्रति वर्ष 6,000 रुपये  की सहायता छोटे और सीमांत किसान परिवारों को देती है। इस योजना को औपचारिक रूप से 24 फरवरी, 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक भव्य समारोह में लॉन्च किया गया था। राष्ट्रमंडल मानवाधिकार पहल (सीएचआरआई) के आरटीआई आवेदक वेंकटेश नायक ने यह याचिका दाखिल कर जवाब मांगा था। केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने आरटीआई आवेदन के जवाब में, अयोग्य लाभार्थियों की दो श्रेणियों की पहचान की, जिन्होंने पीएम किसान को “अयोग्य किसान” और “आयकर दाता किसान” के रूप में भुगतान किया।

49.25 लाख इनकम टैक्स भरने वालों तथा 18.95 लाख ‘अयोग्य किसानों’ को बांटा गया

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इस बारे में जानकारी देते हुए वेंकटेश ने कहा कि जिन लोगों को इस योजना के तहत लाभ दिया गया उनमें आधे से अधिक (55.58 प्रतिशत) ‘आयकरदाता श्रेणी’ के हैं । और शेष 44.41 प्रतिशत ‘अयोग्य किसानों की श्रेणी’ के हैं। उन्होंने आगे बताया कि आरटीआई अधिनियम 2005 के तहत प्राप्त आंकड़े बताते हैं कि 2019 में पीएम किसान योजना के शुरू होने के बाद से  31 जुलाई तक ‘अयोग्य व्यक्तियों’ और ‘आयकर दाताओं किसानों’ को 1,364.13 करोड़ (186.59 मिलियन डॉलर) का भुगतान किया गया है।


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PM KISAN योजना के अयोग्य लाभार्थियों का एक बड़ा हिस्सा पंजाब, असम, महाराष्ट्र, गुजरात और उत्तर प्रदेश से

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नायक ने आंकड़ों के अनुसार  बताया की पंजाब में देश भर में कुल अयोग्य व्यक्तियों की संख्या के 23.16 प्रतिशत (4.74 लाख)  है। जो कि अन्य राज्यों की तुलना में सबसे ज्यादा है। इसके बाद के 16.87 प्रतिशत (3.45 लाख लाभार्थी) और 13 प्रतिशत (2.86 लाख) लाभ वाले महाराष्ट्र के साथ असम है। इन तीनों राज्यों में आधे से अधिक (54.03 प्रतिशत) अनपढ़ व्यक्तियों की संख्या है जो भुगतान प्राप्त करते हैं। उन्होंने कहा कि गुजरात 8.05 प्रतिशत (1.64 लाख लाभार्थियों) के साथ चौथे स्थान पर है। उसके बाद उत्तर प्रदेश 8.01 प्रतिशत (1.64 लाख लाभार्थियों) के साथ पांचवें स्थान पर है। वहीं सिर्फ एक अयोग्य लाभार्थी के साथ सिक्किम सबसे कम है।

ज्ञात हो कि एक तरफ महामारी की वजह से गरीब किसान परेशान है वहीं सरकार की लापरवाही की वजह से अमीरों को ही लाभ हो रहा है। हालांकि कुछ रिपोर्टों से यह पता चला है कि कई राज्यों में अयोग्य लाभार्थियों से धन की वसूली की प्रक्रिया सरकार द्वारा शुरू कर दी गई है।

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