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मीडिया को अर्नब के आंसू दिखते हैं लेकिन यूएपीए झेल

अर्णब के लिए गोदी मीडिया आसूं बहा रहा है. 12 घँटे की पूछताछ में अर्णब और गोदी मीडिया को नानी की याद आ गई है. लेकिन क्या वह कश्मीर के उन पत्रकारों का दर्द समझ पाएंगे जिनके ऊपर यूएपीए के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिन्हें इस कानून के तहत आतंकवादी घोषित किया जा सकता है, सात साल तक जेल में रखा जा सकता है और जिसकी जमानत अर्जी भी दाखिल नहीं हो सकती. Read More