असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने झारखंड की हो भाषा को लेकर बड़ा ऐलान किया है. सरमा ने हो भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने का ऐलान किया. चाईबासा पहुंचे सरमा ने मीडिया के सामने इसकी घोषणा की. इस दौरान उनके साथ राज्य के पूर्व सीएम मधु कोड़ा भी मौजूद थे.
हो भाषा 25 लाख लोगों द्वारा बोली जाती है. जो मुख्य रूप से आदिवासी समुदाय द्वारा ही बोल-चाल में इस्तेमाल की जाती है. झारखंड के कोल्हान में हो समुदाय की एक बड़ी आबादी रहती है. पूर्व सीएम मधु कोड़ा और उनकी पत्नी गीता कोड़ा भी हो समाज से ही आते हैं.
बुधवार को हिमंत बिस्वा चाईबासा पहुंचे थे, जहां उन्होंने पीएम मोदी के आगमन और उनके चुनावी सभा स्थल का जायजा लिया. इस दौरान उन्होंने सरना धर्म पर कहा कि सरना धर्म कोड पहले से ही लागू था. इसे वापस से कौन लाया? कांग्रेस की सरकार ने इसे हटा दिया. इसके लिए कांग्रेस ही विलन है. उन्होंने आगे कहा, हो भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में लाया जाएगा. इसके लिए बातचीत हो चुकी है.
असम सीएम ने इसे लेकर सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर एक पोस्ट भी किया, जिसमें उन्होंने लिखा कि हो भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की एनडीए पूरी कोशिश करेगी.
👉 NDA की सरकार हो भाषा को संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल करने के लिए पूर्ण प्रयास करेगी।
👉 कांग्रेस आदिवासी विरोधी है।
👉 चाईबासा में हमारे साथी जो अलग से चुनाव लड़ने की सोच रहे थे, वे सब अपना नामांकन वापस ले रहे हैं। pic.twitter.com/ZG6sooutVN
— Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) October 30, 2024





