रिश्वत लेने के आरोप में बिहार के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक के आवास पर CBI ने मारा छापा, जानिए क्या है पूरा मामला?

गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मालिक के 8 ठिकानों पर सीबीआई ने रेड मारी है. मलिक पर चिनाब नदी के लिए आवंटित 2200 करोड़ रुपए के भ्रष्टाचार का आरोप है.

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सत्यपाल मलिक के घर CBI की रेड

सत्यपाल मलिक के घर CBI की रेड

जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक के घर पर सीबीआई ने छापा मारा है. सीबीआई ने जम्मू-कश्मीर में हाइड्रो इलेक्ट्रिकल प्रोजेक्ट के लिए आवंटित 2200 करोड़ रुपए के भ्रष्टाचार केस में पूर्व राज्यपाल मलिक के घर छापेमारी की है.

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खबरों के मुताबिक मलिक के दिल्ली, गुरुग्राम, पटना और बागपत समेत 8 ठिकानों और दफ्तर में सीबीआई ने सुबह से ही तलाशी शुरू की है. इसके अलावा जम्मू- कश्मीर में भी 30 ठिकानों पर सीबीआई ने छापेमारी की है. सत्यपाल मलिक अगस्त 2018 से अक्टूबर 2019 तक जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल थे.

हाइड्रो इलेक्ट्रिकल प्रोजेक्ट में घोटाला

छापेमारी के बाद सत्यपाल मलिक ने अपने आधिकारिक एक अकाउंट से पोस्ट करते हुए लिखा कि वह छापेमारी से घबराने वाले नहीं है सत्यपाल मलिक ने लिखा है- मैंने भ्रष्टाचार में शामिल जिन व्यक्तियों की शिकायत की थी उन व्यक्तियों की जांच ना करके मेरे आवास पर CBI द्वारा छापेमारी की गई है. मेरे पास 4-5 कुर्ते पायजामे के सिवाय कुछ नहीं मिलेगा. तानाशाह सरकारी एजेंसियों का ग़लत दुरुपयोग करके मुझे डराने की कोशिश कर रहा है. मैं किसान का बेटा हूं, ना में डरूंगा, ना झुकूंगा- सत्यपाल मलिक (पूर्व गवर्नर)

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पूर्व राज्यपाल मलिक ने दावा किया था कि जब वह राज्यपाल की कुर्सी संभाल रहे थे, तब उन्हें हाइड्रो इलेक्ट्रिकल प्रोजेक्ट की दो फाइलों को क्लियर करने के लिए 300 करोड़ रुपए की रिश्वत पेश की गई थी. 2021 में सत्यपाल मलिक ने राजस्थान के झुंझुनू में एक कार्यक्रम में कहा था कि उन्हें जम्मू-कश्मीर का राज्यपाल रहते हुए करोड़ों रुपए की रिश्वत ऑफर हुई थी. उनके सामने दो फाइलों को पेश किया गया था, जिसमें से एक बड़े उद्योगपति और दूसरी महबूबा मुफ्ती और भाजपा के गठबंधन सरकार में मंत्री रहे व्यक्ति की थी. सत्यपाल मलिक ने कहा था कि उनके सचिवों ने बताया कि इसमें घोटाला है इसके बाद उन्होंने डील रद्द कर दी थी.

सत्यपाल मलिक को 150-150 करोड़ रुपए का मिला था ऑफर

झुंझुनू कार्यक्रम में मलिक ने दावा किया था कि उन दोनों फाइलों को पास कराने के लिए उन्हें 150-150 करोड़ रुपए देने का ऑफर किया गया था.

2022 में भी इसी मामले में सीबीआई ने देशभर में 16 ठिकानों पर छापेमारी की थी. इसके अलावा पिछले महीने भी इस केस को लेकर जांच के सिलसिले में दिल्ली और जम्मू-कश्मीर में आठ जगहों पर छापेमारी हुई थी. 

पूरा मामला किश्तवाड़ में चिनाब नदी पर प्रस्तावित हाइड्रोइलेक्ट्रिकल पावर प्रोजेक्ट से जुड़ा है. प्रोजेक्ट के लिए 2019 में 2200 करोड़ रुपए के सिविल वर्क का कॉन्ट्रैक्ट दिया गया था. आरोप है कि जल विद्युत परियोजना हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट से संबंधित सिविल कामों के आवंटन में ई-टेंडरिंग के मामलों में दिशा निर्देश का पालन किए बगैर टेंडर दिया गया है. 

प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों पर कैबिनेट समिति ने 7 मार्च 2019 को चिनाब पावर प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किरु हाइड्रोइलेक्ट्रिकल परियोजना के निर्माण के निवेश को मंजूरी दी थी. इस परियोजना को पूरा करने में 4287.59 करोड़ रुपए की लागत आएगी. इसका कांट्रेक्ट चिनाब वैली पावर प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के पास है, जो एनएचसी जम्मू-कश्मीर, राज्य विद्युत विकास निगम और पीटीसी का एक ज्वाइंट वेंचर है. 

सत्यपाल मलिक 2024 में नरेंद्र मोदी की अगुवाई में भाजपा की सरकार के बाद साल 2017 में बिहार के राज्यपाल बनाए गए थे. इसके बाद 2018 में उन्हें जम्मू- कश्मीर की जिम्मेदारी की दी गई थी. 2019 में उनके कार्यकाल के बाद उसी साल गोवा का राज्यपाल बनाया गया था. साल 2020 में मलिक को मेघालय का राज्यपाल बनाया गया था. 

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