किसान आंदोलन 2.0: दिल्ली की सभी सीमाएं बंद, शंभू बॉर्डर पर पुलिस ने दागे आंसू गोले, हालात बेकाबू

मंगलवार की सुबह शंभू बॉर्डर पर किसानों के प्रदर्शन को कंट्रोल में लाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले धागे है, जिसके बाद बॉर्डर पर भगदड़ जैसे हालत बन गए हैं.

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सौम्या सिन्हा
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दिल्ली बॉर्डर पहुंचे किसान

किसान आंदोलन 2.0: दिल्ली की सभी सीमाएं बंद

किसान आंदोलन 2.0 की शुरुआत मंगलवार से हो चुकी है. किसानों का यह आंदोलन अपने एक्शन के लिए दिल्ली बॉर्डर पर शनिवार से ही डेरा जमाने पहुंच चुका है. पंजाब-हरियाणा के शंभू बॉर्डर पर आज सुबह से ही किसानों की और से विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है. शंभू बॉर्डर पर किसानों के प्रदर्शन को कंट्रोल में लाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले धागे है, जिसके बाद बॉर्डर पर भगदड़ जैसे हालत बन गए हैं. 

भारी तादाद में सुरक्षा बल तैनात

शंभू बॉर्डर पर पुलिस और सुरक्षा बलों ने किसानों को बॉर्डर से 200 मीटर पीछे तक धकेल दिया है. दिल्ली पुलिस ने गाजीपुर, टिकरी और सिंधु बॉर्डर पर बैरिकेडिंग लोहे के कटीले तार जैसे सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. बॉर्डर पर भारी तादाद में सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है, सड़क पर कंक्रीट की दीवारों को बनाया गया है और इसके साथ ही जगह-जगह पर किल भी लगाए गए हैं. 

13 फरवरी की सुबह से ही गुरुग्राम बॉर्डर पर भारी ट्रैफिक जाम देखा गया है. किसान आंदोलन को देखते हुए बॉर्डर पर बैराकेडिंग लगाई गई है, सभी गाड़ियों की भारी चेकिंग की जा रही है.

हरियाणा और दिल्ली में अलर्ट जारी

अपनी मांग पूरी ना होने के बाद किसानों ने पहले ही चेतावनी दी थी कि वह जल्द ही दिल्ली कुच करेंगे, इसके बाद हरियाणा और दिल्ली में अलर्ट जारी किया गया था. पंजाब से ट्रैक्टर भरकर किसान दिल्ली के लिए पहुंचे हैं, जहां पर किसानों को रोकने के लिए जगह-जगह पर पुलिस की तैनाती की गई थी ताकि किसानों का प्रदर्शन दिल्ली में दाखिल ना हो सके. पिछली बार की तरह अगर इस बार भी किसान अपने आंदोलन के साथ दिल्ली पहुंचे तो हालात बेकाबू हो जाएंगे. 

किसान आन्दोलन को देखते हुए राजधानी दिल्ली के सभी बॉर्डर एरिया में crpc की धारा 144 लागू की गई है. राज्य के 15 जिलों में धारा 144 लागू है, साथ ही हरियाणा के 7 और दिल्ली के 3 जिलो में इंटरनेट बंद किया गया है.

केंद्र सरकार लगातार किसानों से बातचीत कर किसानों को समझाने की कोशिश कर रही है, लेकिन अभी हालात बेकाबू नजर आ रहे हैं. केंद्र सरकार का कहना है कि किसानों के साथ कुछ मामलों पर सहमति बनी है. मालूम हो कि किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य गारंटी(MSP) कानून और कर्ज माफी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. 

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