केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने 3 साल बाद अपने पिता के दफ्तर में प्रवेश किया. शुक्रवार को उन्होंने अपने दिवंगत पिता रामविलास वाले दफ्तर में पूजा-पाठ कर उसका मुआयना किया. हाल में ही बिहार सरकार ने इसे चिराग पासवान की पार्टी लोजपा(आर) को आवंटित किया है. बीते 3 साल से उनके चाचा पशुपति पारस गुट वाली राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (रालोजपा) के पास से यह कार्यालय था. भवन निर्माण विभाग ने पशुपति पारस का आवंटन रद्द कर दिया था, जिसके बाद 2 दिन पहले ही पारस ने परिसर को खाली किया था.
थोड़े ही दिनों में चिराग पासवान के कार्यालय का पता भी बदल सकता है. चिराग पासवान अपनी पार्टी को पटना एयरपोर्ट के पास स्थित पिता के कार्यालय में शिफ्ट कर सकते हैं. चिराग ने कहा कि इस कार्यालय से उनके पिता रामविलास पासवान की यादें जुड़ी हुई है. सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर भी चिराग ने भावुक पोस्ट करते हुए लिखा-
मेरे पिताजी की यादें 1-व्हीलर रोड,पटना कार्यालय से जुड़ी हुई थीं। वो यादें कोई भी मुझसे छीन नहीं सकता। वो यादें कल भी थीं, आज भी हैं। मैं मानता हूं कि मेरे पिता का आशीर्वाद हमेशा मेरे साथ है, जिससे मुझे हर परिस्थिति से लड़ने का और हर परिस्थिति से पार पाने का मौका मिला। पिछले तीन… pic.twitter.com/9ZTfpjkR8u
— Lok Janshakti Party (@LJP4India) November 15, 2024
बता दें कि पटना एयरपोर्ट के पास स्थित शहीद पीर अली खान मार्ग (व्हीलर रोड) पर स्थित बंगले में लोजपा के संस्थापक रामविलास पासवान ने लंबा राजनीतिक दफ्तर संभाला था. उनकी मृत्यु के बाद पार्टी में टूट हो गई और भाई पशुपति पारस बेटे चिराग पासवान ने अपना अलग-अलग गुट बना लिया. चाचा पारस ने लोजपा के कार्यालय पर कब्जा कर लिया, तब से ही यह पारस की पार्टी रालोजपा का दफ्तर था.





