मंत्री बिजेंद्र यादव के मजाक से बिहार की सियासत में मची खलबली

सोमवार को जदयू के अहम बैठक से पहले मंत्री बिजेंद्र यादव ने सियासी गलियारे में खलबली मचा दी थी. उन्होंने जदयू में होने से इनकार कर दिया. मगर अब उन्होंने इसे मजाक बताया है.

जदयू नेता बिजेंद्र यादव ने अपने बयान से बिहार के सियासत में खलबली मचा दिया था. सोमवार को जदयू के अहम बैठक से पहले उन्होंने पार्टी में होने से इनकार कर दिया. मगर अब बैठक खत्म होने के बाद उन्होंने साफ तौर पर इससे इनकार कर दिया.

पटना के कर्पूरी सभागार में आज जदयू नेताओं के लिए बैठक थी, जहां नीतीश कुमार के पुराने साथी बिजेंद्र यादव के बयान से नाराजगी झलक रही थी. उन्होंने मीडिया से कह दिया कि वह जनता दल में नहीं है. उनके इस बयान के बाद सियासत की गलियों में नाराज़गियों पर चर्चा होने लगी. कहा जाने लगा कि वह पोस्टर में अपनी तस्वीर न होने से नाराज है, तो वही यह भी खबर मिली कि मीटिंग की जानकारी उन्हें पहले नहीं थी. इन्हीं कारणों से वह खफा हो गए है.

मंत्री बिजेंद्र यादव ने भी मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि हम जनता दल में नहीं है, हमको काहे को बुलाए हैं. हालांकि उनके नाराजगी की वजह साफ नहीं हो पा रही थी. जिसके बाद मीटिंग में पहुंच रहे तमाम नेताओं से भी सवाल जवाब कर नाराजगी का कारण जानने की कोशिश की गई, मगर नेताओं ने भी बिजेंद्र यादव की नाराजगी से इनकार कर दिया.

मीटिंग खत्म होने के बाद बिहार सरकार के ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र यादव ने यू टर्न लेकर कुछ और ही बयान दे डाला. उन्होंने कहा कि 2025 में नीतीश कुमार के नेतृत्व में मजबूत सरकार बनेगी. जब पत्रकारों ने उनसे सवाल पूछा कि आप बैठक से पहले गुस्से में थे. तब उन्होंने कहा कि मैंने वह सभी बातें मजाक में कही थी. अगर मैं जदयू में नहीं होता तो यहां आता ही क्यों. समझने वाली बात है.