शिमला में भूस्खलन से बिहार के दो मजदूरों की मौत, 5 ने भागकर बचाई जान

सोमवार की रात करीब 1:00 बजे हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में भूस्खलन की चपेट में आने से बिहार के दो मजदूर राकेश (31) और राजेश (40) की मौत हो गई है. वहीं पांच लोग घायल हो गए हैं.

बिहार में रोजगार की कमी कितनी ज्यादा है यह बात किसी से छुपी नहीं है. गरीबी की वजह से लोग कमाने और रोजगार पाने के लिए राज्य से बाहर निकल कर दूसरे राज्यों में जाते हैं. दूसरे राज्य में कमाने जाने वाले लोगों में अधिकतर मजदूर वर्ग के लोग किसी भी राज्य में दैनिक मजदूरी कर अपने परिवार का पेट पलते हैं. इस मजदूरी में वह यह भी नहीं देखे कि वह किसी फैक्ट्री में काम कर रहे हैं या किसी पहाड़ की खुदाई, चाहे कितना भी मुश्किल काम हो बस परिवार पालने के लिए सब करने को तैयार होते हैं. ऐसे जोखिम भरे कामों को करते हुए मजदूरों की जान पर भी बन आती है. एक बार फिर दूसरे राज्य में गए कमाने गए बिहारी मजदूर की जान चली गई है.

अश्विनी खंड में भूस्खलन की चपेट में

भूस्खलन की चपेट में आने से बिहार के दो मजदूरों की मौत हो गई है. सोमवार की रात करीब 1:00 बजे हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से 20 किलोमीटर दूर अश्विनी खंड में भूस्खलन की चपेट में आने से बिहार के दो मजदूरों की मौत हो गई है. दोनों मजदूरों की पहचान राकेश (31) पुत्र विलास राम विहार और राजेश (40) पुत्र जोगेंद्र राम विहार के रूप में हुई है. वहीं हादसे में अन्य पांच मजदूरों की जान बाल बाल बची है.

हादसे के बाद पुलिस ने बताया कि भूस्खलन के समय एक स्टोन क्रेशर के पास बनी अस्थाई झोपड़ियों में मजदूर सो रहे थे. पहाड़ी से बड़ी मात्रा में भूस्खलन हुआ, भूस्खलन से सो रहे दो बिहारी मजदूर चपेट में आग गए. दोनों मजदूरों की मौत मलबे में दब जाने की वजह से हुई और पांच मजदूरों ने भाग कर किसी तरह से अपनी जान बचाई है.

घायलों में राहुल कुमार (18), सनी (42), बैजनाथ राम (35), अशोक राम (45) निवासी बिहार और टोनी कुमार शामिल है.

भूस्खलन के बाद क्रशर की साइट पर हड़कंप मच गया. घटना के बाद बचाव कार्य के लिए पुलिस, अग्निशमन की टीम, एसडीआरएफ और होमगार्ड की टीम भी मौके पर पहुंची. घटना के बाद 1 घंटे की कड़ी मशक्कत कर शवों को मलबे से बाहर निकाला गया.

शिमला में इन दिनों भूस्खलन की घटनाएं काफी हो रही है. बीते दो हफ्ते में यह दूसरी बड़ी भूस्खलन की घटना हुई है. 20 जनवरी को भी शिमला के घंडल के पास नेशनल हाईवे पर एक पांच मंजिला मकान अचानक ही भूस्खलन की चपेट में आ गया था. हालांकि इस घटना में किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं थी. बीते साल भी मानसूनी आपदा ने शिमला में भारी कहर मचाया था, जिसमें कई लोगों की मौत हो गई थी.