CAA Rules: CAA पर JDU विधायक खालिद अनवर का बड़ा बयान- “बिहार में इसकी जरूरत नहीं”

नीतीश कुमार की पार्टी के एमएलसी खालिद अनवर CAA कानून को जरुरी नहीं समझ रहे हैं. रविवार को मोतिहारी में उन्होंने ने कहा कि बिहार में CAA-NRC की कोई जरुरत नहीं, यहां सभी बिहारी हैं.

11 मार्च को केंद्र सरकार ने CAA कानून को देशभर में लागू कर दिया. इस कानून के लागू होने के बाद देशभर में विपक्षी पार्टियों ने इसका विरोध किया है. वही पक्ष के नेता मजबूती के साथ मोदी सरकार के साथ इस कानून पर अड़े हैं. CAA कानून पर राजनीति अब भी गरमाई हुई है. केरल, पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों से विपक्षी दलों ने इस कानून का विरोध किया है, तो अब बिहार में भी इस कानून के खिलाफ आवाज उठने लगी है. बिहार में एनडीए की सरकार है, जिसमें भाजपा और जदयू मिलकर काम कर रहे हैं. लेकिन नीतीश कुमार की पार्टी के एमएलसी खालिद अनवर CAA कानून को जरुरी नहीं समझ रहे हैं.

बिहार में प्रवासी नहीं

मोतिहारी के ढाका में जदयू एमएलसी ने CAA कानून को लेकर बड़ा बयान दिया. खालिद अनवर ने कहा कि राज्य में इस कानून को लागू करने की जरूरत नहीं है. हमारे राज्य में CAA और NRC लागू नहीं होगा. उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्पष्ट कर दिया है कि राज्य के 13 करोड़ लोग बिहारी हैं और मैं यकीन दिलाना चाहता हूं कि बिहार में इस कानून को लागू नहीं किया जाएगा. यहां पर कोई प्रवासी नहीं है.

रविवार को एमएलसी मोतिहारी के एक मदरसा में पहुंचे थे, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया. यहीं से उन्होंने कहा कि बिहार में CAA को लागू नहीं किया जाएगा. उन्होंने आगे कहा कि इस कानून के तहत किसी की नागरिकता भी नहीं छिनी जाएगी. बिहार विधानसभा में इस कानून के लिए प्रस्ताव पारित है. राज्य में हिंदू, मुस्लिम, सिख, इसाई सभी की नागरिकता बनी रहेगी. कुछ लोग भले ही इसको लेकर अफवाह फैला रहे हैं, गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं.

ममता बनर्जी CAA कानून के खिलाफ

CAA कानून के खिलाफ पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने साफ तौर पर कह दिया था कि बंगाल में CAA कानून को लागू नहीं किया जाएगा. केरल के भी सीएसम पीनाराय विजय ने भी इस कानून को नहीं लागू करने की बात कही है.

मोतिहारी में आगे जदयू एमएलसी ने सीटों को लेकर भी बयान देते हुए कहा कि बिहार में गठबंधन सीएम नीतीश कुमार की अगुवाई में चुनाव लड़ रहा है. राज्य की सभी 40 लोकसभा सीटों पर एनडीए की जीत तय है. सीएम जिसके ऊपर हाथ रख देंगे वहीं लोकसभा के लिए प्रत्याशी होगा. सीएम नीतीश कुमार ही पहलवान है, उनके सामने कोई अन्य पहलवान की जरूरत नहीं है. सभी सीटों का बंटवारा हो चुका है, 16 सीटों पर जदयू चुनाव लड़ेगी. एक-दो दिन में एनडीए के नेता प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सीट बंटवारे को लेकर जानकारी दे देंगे.