Mukhtar Ansari Death: मुख्तार अंसारी की मौत को पप्पू यादव ने बताया 'मर्डर', तेजस्वी ने भी जताया शक

Mukhtar Ansari's Death: डॉन अंसारी की मौत के बाद पप्पू यादव ने सोशल मीडिया से मुख्य न्यायाधीश को स्वत: संज्ञान लेने की बात कही है. पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी ने भी अंसारी की मौत को गंभीरता से लेने कहा है.

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अंसारी की मौत पर संदेह

अंसारी की मौत पर संदेह

गुरुवार की रात बांदा जेल में बंद डॉन मुख्तार अंसारी की तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई. जेल में तबीयत बिगड़ने के बाद गंभीर हालत में जेल प्रशासन ने अंसारी को बांदा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. डॉन अंसारी की मौत के बाद अब राजनीतिक पार्टियों ने सवाल उठाने शुरू किए हैं. यूपी-बिहार में पूर्व विधायक की मौत पर संदेह जताया जा रहा है.

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60 वर्षीय अंसारी की मौत के बाद बिहार कांग्रेस नेता पप्पू यादव ने सोशल मीडिया से मुख्य न्यायाधीश को स्वत: संज्ञान लेने की बात कही है. पप्पू यादव ने अपने एक्स अकाउंट पर ट्वीट कर सांस्थानिक हत्या का आरोप लगाया है. पप्पू यादव ने लिखा-पूर्व विधायक मुख़्तार अंसारी जी की सांस्थानिक हत्या क़ानून, संविधान, नैसर्गिक न्याय को दफन कर देने जैसा है.

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश इसका स्वतः संज्ञान लें. उनके दिशा-निर्देश में निष्पक्ष जांच हो. कई दिन से वह आरोप लगा रहे थे उन्हें धीमा ज़हर दिया जा रहा है उनके सांसद भाई ने भी यह आरोप लगाया गया था. देश की संवैधानिक व्यवस्था के लिए अमिट कलंक.

तेजस्वी यादव ने अंसारी की मौत जताया दुःख

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इसके अलावा बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने भी मुख्तार अंसारी की मौत पर सवाल खड़े किए हैं. तेजस्वी यादव ने अंसारी की मौत पर दुख जताते हुए जेल में जहर देने वाली बात को गंभीरता से लेने कहा है. तेजस्वी यादव ने लिखा-यूपी से पूर्व विधायक श्री मुख्तार अंसारी के इंतकाल का दुःखद समाचार मिला. परवरदिगार से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को शांति तथा शोकाकुल परिजनों को दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें. कुछ दिन पूर्व उन्होंने शिकायत की थी कि उन्हें जेल में जहर दिया गया है फिर भी गंभीरता से नहीं लिया गया. प्रथम दृष्टया ये न्यायोचित और मानवीय नहीं लगता. संवैधानिक संस्थाओं को ऐसे विचित्र मामलों व घटनाओं पर स्वत: संज्ञान लेना चाहिए. 

लोकगीत गायिका नेहा सिंह राठौड़ ने मुख्तार अंसारी की मौत के बाद झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है. अंसारी की मौत के बाद जेल सुरक्षा को गंभीरता से लेने कहा है. नेहा सिंह राठौड़ ने लिखा- कुछ दिन पहले मुख़्तार अंसारी ने शिकायत की थी कि उनको जेल के खाने में ज़हर दिया गया है. आज उनकी मौत हो गई. इस वक़्त झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल दोनों जेल में हैं और केंद्र सरकार से उनके संबंधों की मधुरता तो जगज़ाहिर है. ऐसे में मुख़्तार अंसारी की मौत की ख़बर को बेहद गंभीरता से लेना होगा.

जेल में बंद झारखंड के पूर्व-मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की सुरक्षा में विशेष सतर्कता बरतने की ज़रूरत है.

उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी मुख्तार अंसारी के लगते थे चाचा

गाजीपुर जिले का मुख्तार अंसारी यूपी के एक प्रतिष्ठित राजनीतिक खानदान से ताल्लुक रखता था. 19 साल से ज्यादा वक्त जेल में गुजरने वाला अंसारी पूर्व स्वतंत्रता सेनानी डॉक्टर अहमद अंसारी का पोता था. देश के पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी मुख्तार अंसारी के रिश्ते में चाचा लगते थे.

मुख्तार अंसारी को एक सुनवाई के लिए यूपी के बांदा जेल से पंजाब के रोपड़ जेल भेजा गया था. जिसके बाद लंबे समय तक अंसारी पंजाब जेल में ही बंद था. यूपी में भाजपा की सरकार बनने के बाद अंसारी वापस यूपी नहीं आना चाहता था. प्रदेश वापस लाने के लिए यूपी और पंजाब सरकार के बीच में लंबी वार्ता चली थी. मामला सुप्रीम कोर्ट तक जा पहुंचा था. सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अंसारी को यूपी शिफ्ट करने का फैसला सुनाया था. 2021 में भारी सुरक्षा के बीच अंसारी को पंजाब से हरियाणा के रास्ते आगरा, इटावा और औरैया होते हुए बांदा जेल लाया गया था.

डॉन मुख्तार अंसारी पर मऊ में दंगा भड़काने के मामले से लेकर हत्या तक के आरोप लगे थे. मऊ में दंगा भड़काने के मामले में अंसारी ने गाज़ीपुर पुलिस के सामने सरेंडर किया था. इसके बाद से ही बजे में बंद था, जेल में रहकर भी अंसारी चुनाव जीतता रहता था. पूर्वांचल के इलाके में लंबे समय तक अंसारी का दबदबा रहा था. ठेकेदारी खनन, स्क्रैप, शराब, रेलवे ठेकेदारों के बीच अंसारी का कब्जा रहा था. इन सब के दम पर ही डॉन अंसारी ने अपनी सल्तनत खड़ी की थी.

कहा जाता है कि अंसारी अमीरों से लूटाता और गरीबों के बीच बांट देता था. मऊ के लोगों का मानना है कि अंसारी ने सिर्फ दबंगई नहीं, बल्कि विधायक के तौर पर इलाके में काफी काम किया है. सड़क, पुल, अस्पताल, स्कूल, कॉलेज पर भी अंसारी ने खूब खर्च किया था.

मुख्तार अंसारी ने मऊ से 1996, 2002, 2007, 2012 और फिर 2017 में विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की थी.

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