अलका याग्निक को सुनने में दिक्कत, रेयर सेंसरिनुरल हियरिंग लॉस से हैं पीड़ित, जानिए क्या है ये बीमारी?

सिंगर अलका याग्निक ने अपने सोशल मीडिया से साझा किया कि वह रेयर सेंसरी न्यूरल नर्व हियरिंग लॉस से पीड़ित है. अमूमन 90 फ़ीसदी से ज्यादा लोगों में बहरेपन का कारक यही बीमारी बनता है.

कुछ कुछ होता है, हम तुम जैसे हिट गानों को गाने वाले अलका याग्निक एक रेयर सुनने की बिमारी से पीड़ित है. आज उन्होंने अपनी बीमारी के बारे में लोगों को बताया. सिंगर अलका याग्निक ने अपने सोशल मीडिया से साझा किया कि वह रेयर सेंसरी न्यूरल नर्व हियरिंग लॉस(sensorineural hearing loss) से पीड़ित है. उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि कुछ दिनों पहले मैं फ्लाइट से बाहर निकल रही थी, तो मुझे लगा कि मुझे कुछ सुनाई नहीं दे रहा है. डॉक्टर ने बताया कि मुझे रेयर एसएनएचएल है, जो वायरस अटैक के कारण हुआ है.

अलका याग्निक के इस बीमारी की खबर ने सभी को चिंता में डाल दिया. बॉलीवुड से लेकर फैन्स तक इस सिंगर के इस रेयर बीमारी से उबरने के लिए प्रार्थना करने लगे. इसके साथ ही लोग इस रेयर बीमारी के बारे में भी जानने की कोशिश करने लगे.

बहरेपन का कारक

सेंसेरिन्यूवल हियरिंग लॉस(एसएनएचएल) दरअसल आंतरिक कान या सुनने की तांत्रिक के संरचनाओं में नुकसान के कारण होता है. अमूमन 90 फ़ीसदी से ज्यादा लोगों में बहरेपन का कारक यही बीमारी बनता है. हेल्थलाइन वेबसाइट पर मिली जानकारी के अनुसार इस बीमारी के मुख्य कारणों में तेज आवाज, अनुवांशिक कारक या प्राकृतिक उम्र बढ़ना शामिल है. इस बीमारी से पीड़ित लोगों को सुनाई ना देने की समस्या होने लगती है.

दरअसल कान के अंदर एक सर्पिल पार्ट मौजूद होता है, जिसे कोक्लिया कहते हैं. कोक्लिया में बहुत छोटे-छोटे बाल मौजूद होते हैं, यह बोल ध्वनि तरंगों से पैदा हुए कंपन को न्यूरल सिग्नल में परिवर्तित करते हैं. जिसे ऑडिटोरी नर्व दिमाग तक ले जाता है, जिससे हम किसी की आवाज या बात को सुन सकते हैं. वही जब हम 85 डेसीबल से अधिक आवाज के संपर्क में आते हैं तो यह बाल क्षतिग्रस्त हो सकते हैं, जिससे हमारे सुनने की शक्ति प्रभावित हो सकती है. इन्हीं बालों की क्षति से एसएनएचएल होता है.

ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है. दरअसल इन छोटे बालों का 30 से 50 फीसदी हिस्सा जबतक क्षतिग्रस्त ना हो तब तक सुनने में कोई कमी नहीं आती है. हालांकि अगर बालों में क्षति बढ़ती जाती है, तो हल्की सुनने की समस्या शुरू हो सकती है. यह बीमारी एक या दोनों कानों में हो सकती है.

बीमारी के मुख्य लक्षण

इस बीमारी के मुख्य लक्षणों में सुनने में परेशानी होना, चक्कर आना, तेज आवाज भी धीमी सुनाई देना, दूसरों की आवाज दबी हुई सुनाई देना, कानों में सीटी बजना शामिल है.

एसएनएचएल के तीन प्रकार भी हैं, जिनमें बायलेटरल एसएनएचएल है, जिसमें तेज आवाज के संपर्क में आने से या खसरा जैसे बीमारी होने के कारण दोनों कानों में हियरिंग लॉस हो सकता है. यूनिलेटरल एसएनएचएल, इसमें व्यक्ति को ट्यूमर होने की स्थिति में एक कान से सुनाई देना बंद हो सकता है. एसिमिट्रिकल एसएनएचएल, इस बीमारी में दोनों कानों से सुनने की क्षमता बेहद कम हो जाती है. हालांकि एसएनएचएल का सही समय पर इलाज करने से बीमारी ठीक हो सकती है.

सिंगर अल्का याग्निक ने तेज आवाज में म्यूजिक सुनने वाले और हेडफोन से गाना सुनने वाले, बात करने वाले लोगों को सचेत किया है. अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा- अपने फैंस और युवा कलिग के लिए मैं कहूंगी बहुत तेज आवाज वाले संगीत और हेडफोन के संपर्क में आने से सावधानी बरतें.