क्या बिहार में ‘लीक’ हुई विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की सूची?

आज सुबह लगभग 8 बजे के करीब चुनाव आयोग (Election Commission of India) की आधिकारिक वेबसाइट पर SIR की सूची पब्लिक कर दी गयी. उस लिंक के साथ सभी विधानसभा के अलग-अलग पोलिंग बूथ की मतदाता सूची को डाउनलोड करने का विकल्प दिखाई दे रहा था.

सुबह 8 बजे डेमोक्रेटिक चरखा की टीम ने कई पोलिंग बूथ की लिस्ट डाउनलोड कर उसकी जांच करनी शुरू की. लिस्ट में कई तरह की गड़बड़ियां भी मिलीं. जैसे कई पोलिंग बूथ के नाम ही गायब थें, किसी का जेंडर ही गलत पब्लिश हुआ था, किसी का नाम लिस्ट से हटा दिया गया था लेकिन उन्होंने दस्तावेज़ जमा कर दिए थें और कई लोगों का एपिक नंबर ही बदल गया था.

(सुबह में इस तरह से सभी पोलिंग बूथ की लिस्ट पब्लिक हुई थी)

उदाहरण के तौर पर 268-CSC Bal Vidyalaya, DVC Road, Yarupr (Hall Me), ये बूथ की सूची ही नहीं जारी हुई थी. लेकिन वोटर आईडी में ये पोलिंग बूथ का ज़िक्र किया हुआ है.

इसकी जानकारी के बाद डेमोक्रेटिक चरखा की टीम ने चुनाव आयोग से संपर्क किया. फ़ोन पर बात करते हुए चुनाव आयोग के कर्मचारी ने कहा कि, “लिस्ट जारी नहीं हुई है लेकिन वेबसाइट पर अगर आप देख पा रहे हैं तो वो सही लिस्ट ही होगी.” ये कह कर उन्होंने कॉल काट दिया.

उसके बाद हमारी टीम चुनाव आयोग के दफ़्तर गयी जहां ये पता चला कि चुनाव आयोग को भी इसकी जानकारी नहीं थी. जांच के बाद चुनाव आयोग के अधिकारी ने जानकारी दी कि, “लिस्ट के साथ हमलोगों के एक ट्रायल किया था जो पब्लिक हो गयी थी, अब उस लिंक को बंद कर दिया गया है.” शाम 5 बजे से इस लिंक को बंद कर दिया गया है.

लेकिन इस लिस्ट के पब्लिक होने के बाद ये तो साफ़ है कि चुनाव आयोग के इस अभियान में कई गलतियां हैं. इस लिस्ट को हड़बड़ी में पूरा करने के लिए सूची को पूरे तरह से प्रमाणित नहीं किया गया है. कई लोगों के सही दस्तावेज़ जमा करने के बाद भी सूची नाम मौजूद नहीं है. ऐसे में कल जब फिर से सूची पब्लिक की जायेगी तो उसमें ये देखना है कि किन लोगों के नाम अभी भी लिस्ट में नहीं है.