क्या भारत दिव्यांगजनों के लिए सुगम्य हुआ? जाने PM की इस योजना का सच

दिव्यांगजनों को हर चीज में समान अवसर मिले इसके लिए आरपीडब्लूडी एक्ट 2016 बनाया गया था. इस एक्ट के तहत, सभी सरकारी इमारतों में रैंप, विकलांगों के लिए अलग शौचालय, विशेष पार्किंग बनवाना था.

दिव्यांगजनों को रोज़गार और शिक्षा में समान अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से आरपीडब्लूडी (RPWD) एक्ट 2016 बनाया गया था.

इस एक्ट के तहत सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में दिव्यांगों के लिए सीटें आरक्षित हैं. शिक्षा और रोज़गार के समान अवसरों के साथ ही इस एक्ट में दिव्यांगों के लिए सार्वजानिक स्थलों को सुगम बनाए जाने का भी प्रावधान है, जिससे उनका विकास और समाज में उनकी भागीदारी निर्बाध बनी रहे.

साथ ही इस कानून के तहत, सभी सरकारी इमारतों में रैंप, विकलांगों के लिए अलग शौचालय, विशेष पार्किंग आदि की व्यवस्था को अनिवार्य बनाया गया था.

3 दिसंबर 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिव्यांगजनों के अंतर्राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर ‘सुगम्य भारत अभियान’ की शुरुआत की थी. इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ही सरकारी कार्यालयों, रेलवे स्टेशन, एअरपोर्ट, बस स्टैंड, हॉस्पिटल, पार्क, शॉपिंग मॉल, सिनेमाघर, धार्मिक स्थलों जैसे सार्वजनिक स्थलों को दिव्यांगो के लिए सुलभ बनाया जाना है.

इन एक्ट और योजनाओं के बावजूद दिव्यांग व्यक्तियों के लिए सार्वजनिक स्थलों पर मौजूद सुविधाएं आज भी नाकाफ़ी हैं. सार्वजनिक स्थलों पर दिव्यांग आज भी मुश्किलों का सामना कर रहें हैं.