JP: मोदी ने ‘संपूर्ण क्रांति’ के नायक को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि

संपूर्ण क्रांति: जयप्रकाश नारायण बिहार के एक स्वतंत्रता सेनानी और राजनीतिज्ञ थे. उनका जन्म 1902 में बलिया में हुआ था. जयप्रकाश ने गांधी मैदान से संपूर्ण क्रांति का आह्वान किया था.

देशभर में ‘संपूर्ण क्रांति’ का नारा बुलंद करने वाले भारतीय राजनीति के युगपुरुष, भारत रत्न लोकनायक जयप्रकाश नारायण की आज जयंती है.

जयप्रकाश नारायण बिहार के एक स्वतंत्रता सेनानी और राजनीतिज्ञ थे. उनका जन्म 1902 में बलिया जिले के सिताबदियारा गांव में हुआ था.

सार्वजनिक सभा में संपूर्ण क्रांति का आह्वान

1974 में जब देश बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और महंगाई से जूझ रहा था. तब जयप्रकाश नारायण ने पटना के गांधी मैदान में एक सार्वजनिक सभा में संपूर्ण क्रांति का आह्वान किया था. जिसमें उन्होंने कॉलेज और यूनिवर्सिटी के छात्रों से पूरे एक साल तक देश के पुनर्निर्माण के लिए समर्पित रहने को कह.। तभी से वे जय प्रकाश नारायण (जेपी) के नाम से लोकप्रिय हो गये.

1975 में जेपी ने जोर-शोर से इंदिरा गांधी के इस्तीफे की मांग की थी. जिसके बाद आपातकाल की घोषणा कर दी गयी. कई विपक्षी नेताओं और जयप्रकाश को गिरफ्तार कर लिया गया.

1999 में मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित

वर्ष 1979 में जयप्रकाश नारायण का पटना में निधन हो गया. वर्ष 1999 में जयप्रकाश को मरणोपरांत देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जय प्रकाश नारायण की जयंती के मौके पर ट्वीट कर उन्हें श्रद्धांजलि दी है, उन्होंने लिखा है- संपूर्ण क्रांति के जनक लोकनायक जयप्रकाश नारायण को उनकी जयंती पर शत्-शत् नमन. वह भारतीय लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए जीवन भर प्रयास करते रहे. उनकी निस्वार्थ सेवा की भावना को देशवासी सदैव सराहेंगे.

इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने भारतीय जनसंघ के नेता नानाजी देशमुख को भी उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी है- भारत रत्न नानाजी देशमुख को उनकी जयंती पर मेरी सादर श्रद्धांजलि. उन्होंने अपना जीवन देश के गांवों और आदिवासी क्षेत्रों के विकास के लिए समर्पित कर दिया. उनका त्याग और सेवा भावना हर पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी.

इस बीच, सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को जेपीएनआईसी में जयप्रकाश नारायण की जयंती पर पुष्पांजलि करने की इजाजत नहीं दी गई है.