UP पुलिस की परीक्षा रद्द, जाने क्या है योगी सरकार का फ़ैसला

शनिवार को योगी सरकार ने यूपी पुलिस के 60 हजार पदों पर आयोजित हुई परीक्षा को रद्द कर दिया है. गृह विभाग ने पत्र जारी कर इस बात की सुचना दी है की आने वाले 6 महीनों में फिरसे होगी परीक्षा.

शनिवार को उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने यूपी पुलिस की परीक्षा के लाखों अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी है. योगी सरकार ने एक बड़ा ऐलान करते हुए बताया है कि बीते दिनों आयोजित हुई यूपी पुलिस की परीक्षा को रद्द किया जाता है.

बीते दिनों उत्तर प्रदेश में आयोजित हुई यूपी पुलिस परीक्षा के बाद लाखों अभ्यर्थियों ने यह दावा किया था की परीक्षा का पेपर रद्द किया जाना चाहिए. और इस परीक्षा को दोबारा आयोजित कराने की मांग की थी.

60 हजार से ज्यादा पद के लिए परीक्षा

60,244 पदों के लिए यूपी में 17-18 फरवरी को परीक्षा का आयोजन कराया गया था, जिसके पेपर लीक होने की बात सामने आ रही थी. इसके बाद आज राज्य सरकार ने फैसला लिया है कि यूपी पुलिस की परीक्षा को रद्द कर दिया जाएगा और 6 महीने के भीतर दोबारा परीक्षा आयोजित कराई जाएगी. पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा-2023 को रद्द कर इस पूरे मामले की जांच एसटीएफ को सौंपा जाएगा.

सीएम का ट्वीट

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी अपने एक्स अकाउंट पर ट्वीट कर बताया कि- यूपी पुलिस की आरक्षी नागरिक पुलिस के पदों पर चयन के लिए आयोजित परीक्षा-2023 को निरस्त करने तथा आगामी 6 माह के भीतर ही पुन: परीक्षा कराने के आदेश दिए हैं. परीक्षाओं की शुचिता से कोई समझौता नहीं किया जा सकता. युवाओं की मेहनत के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी दशा में बख्शे नहीं जाएंगे. ऐसे अराजक तत्वों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई होनी तय है.

सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गृह विभाग में परीक्षा को निरस्त करने का आदेश जारी किया है. गृह विभाग की तरफ से जारी आदेश के मुताबिक 17 और 18 फरवरी 2024 को संपन्न हुई पुलिस भर्ती परीक्षा के संबंध में प्राप्त तथ्यों एवं सूचनाओं के परीक्षण के आधार पर शासन द्वारा परीक्षा को निरस्त करने का निर्णय लिया गया है. शासन ने भर्ती बोर्ड को यह निर्देश दिया है कि जिस भी स्तर पर लापरवाही बरती गई है, उसके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर अग्रिम कार्यवाही सुनिश्चित की जाए.

6 महीने के अंदर इस परीक्षा को दोबारा लेने के साथ ही इस बात की भी घोषणा की गई कि उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की सेवा से अभ्यर्थियों को परीक्षा के लिए नि:शुल्क सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी.

परीक्षार्थी के पास से मिला था जवाब पत्र

मालूम की 18 फरवरी को आयोजित हुई परीक्षा में कृष्णनगर के एक स्कूल में परीक्षार्थी के पास से सवालों के जवाब के पर्ची मिली थी. इसके बाद ही अभ्यर्थियों ने पेपर लीक होने की आशंका जताई थी. इस परीक्षा को रद्द करने के लिए प्रयागराज, लखनऊ और आगरा जैसे शहरों में छात्रों ने जमकर प्रदर्शन किया था. इसके अलावा राष्ट्रपति के नाम जिलाधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा था.

परीक्षा के लिए 50 लाख युवाओं ने आवेदन किया था, जिसमें से 48 लाख अभ्यर्थियों ने परीक्षा में भाग लिया था.