पश्चिम बंगाल में बिहारी छात्रों के साथ दुर्व्यवहार का मामला बीते दिन सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. वीडियो सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया. इसके बाद भाजपा सांसद और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह चौहान से लेकर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने मामले पर कार्रवाई की मांग की थी. छात्रों की पिटाई का मामला भाजपा के हाथ लगते ही ममता सरकार के खिलाफ हमले शुरू हो गए. जिस पर टीएमसी ने घटना को लोकल मैटर बताया है. हालांकि घटना के बाद बंगाल पुलिस ने कार्यवाही करते हुए आरोपी रजत भट्टाचार्य को गिरफ्तार कर लिया है.
पश्चिम बंगाल में बिहारी छात्रों से बर्बरतापूर्ण मारपीट की खबर बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। वहां की मुख्यमंत्री ने फिर एक बार बिहारियों का अपमान किया है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। मैं ममता बनर्जी जी से पूछना चाहता हूं कि क्या पश्चिम बंगाल में परीक्षा देना भी गुनाह… pic.twitter.com/r63phJkbcr
— युवा बिहारी चिराग पासवान (@iChiragPaswan) September 26, 2024
गिरफ्तार आरोपी बांग्ला पक्खो नाम के संगठन का सदस्य बताया जा रहा है, जिससे पुलिस सिलीगुड़ी थाने में पुलिस पूछताछ कर रही है. जानकारी के मुताबिक इस संगठन ने पहले पश्चिम बंगाल में हिंदी में लिखे साइन बोर्ड को मिटाने का अभियान चलाया था. आरोपी का कहना है कि बिहार और यूपी से नकली प्रमाण पत्र लेकर लड़के एसएससी की परीक्षा देने आ रहे हैं, जिससे बंगाल के लोगों की नौकरियां छीन रही है.
पूरा मामला बंगाल के सिलीगुड़ी का है, जहां स्टाफ सिलेक्शन कमीशन जनरल ड्यूटी की परीक्षा देने बिहार के छात्र पहुंचे थे. बिहार के दानापुर का रहने वाला अंकित यादव अपने एक साथी के साथ सिलीगुड़ी के कमरे में सो रहा था. तभी कुछ लोग कमरे में घुस गए और दोनों को जबरदस्ती उठाकर सवाल जवाब करने लगे. एडमिट कार्ड दिखाने और और कई तरह से धमकाते हुए उन लोगों ने खुद को आईबी अफसर बताया. इस दौरान छात्रों से उठक-बैठक भी करवाई गई और कहां गया कि बिहारी होकर पश्चिम बंगाल में परीक्षा देने क्यों आए.
बिहारी छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बिहार एडीजी लॉ एंड ऑर्डर ने बंगाल पुलिस एडीसी को चिट्ठी लिखी है.





