Jharkhand News: झारखंड विधानसभा में BJP विधायक 1 हजार रुपए किलो बेच रहे बालू

Jharkhand News: झारखंड विधानसभा मानसून सत्र के आखिरी दिन भी हंगामेदार बना हुआ है. शुक्रवार को सदन की कार्रवाई जारी है, जिसमें सदन से चार विधेयक पास हुए हैं.

झारखंड विधानसभा मानसून सत्र के आखिरी दिन भी हंगामेदार बना हुआ है. शुक्रवार को सदन की कार्रवाई जारी है, जिसमें सदन से चार विधेयक पास हुए हैं. आज विधानसभा से अग्निशमन विधेयक, कार एवं सुधारात्मक सेवाएं विधेयक 2024, खनिज धारित भूमि उपकर विधेयक और झारखंड निजी विश्व विद्यालय विधेयक 2024 पारित किया गया है. झारखंड निजी विश्वविद्यालय विधेयक को मंत्री चंपई सोरेन ने सदन में रखा था, जिस पर सीएम हेमंत सोरेन ने संशोधन का सुझाव भी दिया है.

पहली पाली में कई विधेयकों का प्रस्ताव पेश किया गया और चार विधेयकों को पास कर सदन की कार्रवाई को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित किया गया. हालांकि पहली पाली में विपक्ष के विधायक सदन से गायब रहे. विपक्ष के विधायकों की सभी सीटें सदन में खाली थी. दूसरी पाली में भाजपा विधायकों ने भारत माता की जय के नारो के साथ सदन में प्रवेश किया और 40 मिनट की कार्रवाई के बाद सत्र का बहिष्कार कर हाउस से बाहर निकल गए.

शुक्रवार को आखिरी दिन विधानसभा परिसर में भाजपा के निलंबित विधायकों ने अनोखा प्रदर्शन किया. विपक्ष के सभी विधायक परिसर के बाहर बालू बेचने बैठ गए. भाजपा विधायकों ने 1 हजार रुपए किलो बालू बेचने का पोस्टर-बैनर लगाया. इस दौरान कुछ भाजपा सदस्यों ने नगद में बालू खरीदे, तो कुछ उधार पर बालू खरीदते हुए नजर आए. दरअसल राज्य सरकार ने नॉन टैक्स पेयर वर्ग के लिए मुफ्त बालू देने का ऐलान किया था, जिस पर विपक्ष ने बालू बेचकर इसका विरोध किया है. विपक्ष ने कहा कि 15 अक्टूबर तक राज्य में एनजीटी ने बालू उठाव पर रोक लगा रखी है. ऐसे में मुफ्त बालू का केवल वादा राज्य सरकार कर रही है. भाजपा विधायकों ने मुख्यमंत्री चेंबर के बाहर भी धरना प्रदर्शन किया.

नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बाउरी समेत विपक्ष मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मनरेगा कर्मी के परमानेंट, पैरा शिक्षकों के परमानेंट, आंगनवाड़ी सेविका सहायिका एवं रसोईया के परमानेंट, होमगार्ड के परमानेंट, पोषण सखी के परमानेंट, जल सहिया एवं कृषि मित्र के परमानेंट, कंप्यूटर कर्मी एवम डाटा ऑपरेटर के परमानेंट, पैरामेडिकल कर्मी के परमानेंट का क्या हुआ सवाल पूछ रहे हैं. इनके अलावा व्यवसायिक शिक्षकों के मांग, अराजपत्रित कर्मचारीयों की मांग पूरी करने, 5 लाख युवाओं को नौकरी देने, ग्रेजुएट को 5000 प्रपोज ग्रेजुएट को 7000 रुपए बेरोजगारी भत्ता देने, स्थानीय नीति, नियोजन नीति को लागू करने, जेपीएससी, जेएसएससी, सीजीएल, लैब टेक्नीशियन सहित कई घोटालों की सीबीआई जांच कराने और नगर पालिका के सफाई कर्मियों की मांग पूरी करने पर मुख्यमंत्री से जवाब भी मांग रहा है.