बिहार राजभवन के ऊपर राजद के नेता ने बड़ा आरोप लगाया है. राजद के मुख्य प्रवक्ता नेता शक्ति सिंह ने राजभवन में दो ईवीएम हैकर को ठहराने का आरोप लगाया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए राजभवन पर इसका आरोप लगाया है. शक्ति सिंह यादव के एक्स पोस्ट को राजद आईटी सेल के इंचार्ज बताने वाले नीतेश कार्तिकेय ने वायरल किया. पोस्ट में लिखा गया है कि दो संदिग्ध व्यक्ति को राजभवन में ठहराया गया है.
शक्ति यादव ने पोस्ट में लिखा है कि भारत के गृह मंत्री के इशारों पर बिहार के राजभवन पटना में दो ईवीएम हैकर को रुकवाया गया है. यह पी कश्यप और डॉक्टर एमके भाई है. ऐसे में नीतीश कुमार को जवाब देना चाहिए कि राजभवन में यह दोनों संदिग्ध व्यक्ति किस हैसियत से ठहरे हुए हैं? क्या यह कोई आईएएस है या कोई विभाग के अधिकारी हैं? इसका जवाब मुख्यमंत्री देंगे या चुनाव आयोग देगा?
ईवीएम मशीनों की हैकिंग के विशेषज्ञ
शक्ति यादव ने पोस्ट में आगे लिखा है कि सूचना यह भी है कि दोनों व्यक्ति ईवीएम मशीनों की हैकिंग के विशेषज्ञ है. 1 जून को पटना के नजदीक पाटलिपुत्र और पटना साहिब लोकसभा में वोटिंग होनी है ऐसे में कैसे कोई संदिग्ध व्यक्ति राजभवन में ठहर सकता है.
इस पोस्ट के बाद राज्यपाल के प्रधान सचिव रॉबर्ट एल चोंग्थू ने ईओयू को इसकी शिकायत की है. शिकायत में कहा गया है कि पोस्ट में लिखी गई बातें असत्य, तथ्यहीन और भ्रामक है. यह केंद्र और राज्य दोनों सरकार के साथ-साथ बिहार के राजभवन को बदनाम करने के नियत से लिखी गई है. प्रधान सचिव की शिकायत के बाद ईओयू ने डीएसपी के नेतृत्व में जांच और कार्यवाही के लिए एसआईटी की टीम का गठन किया है. एजेंसी ने इस मामले में नीतेश कार्तिकेय के खिलाफ मामला दर्ज किया है और जांच शुरू की है. मुकदमा दर्ज होने के बाद नीतेश कार्तिकेय ने फिर से पोस्ट किया जिसमें लिखा, राज्यपाल ने हमारे ऊपर केस दर्ज किया है. मत मूल्यवान है. अगर कोई चर्चा चौक-चौराहों पर मत के साथ छेड़छाड़ की होने लगे तो सहज प्रहरी होने के नाते लोकतांत्रिक मूल्य एवं मौलिक अधिकार की रक्षा हेतु सवाल को जनता के बीच में रखना एक नागरिक के तौर पर नैतिक जिम्मेदारी है. सत्य और असत्य की पहचान करना शासन की जिम्मेवारी है.
आरोपी नितेश कार्तिकेय के खिलाफ भारतीय दंड संहिता, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम और आईटी अधिनियम से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. इस पूरे घटनाक्रम पर राजद ने चुप्पी साध रखी है.





