झारखंड विधानसभा का शीतकालीन सत्र हंगामे के साथ खत्म, विपक्ष ने की धीरज साहू की गिरफ्तारी की मांग

झारखंड विधानसभा में भाजपा नेताओं ने हेमंत सोरेन की इस्तीफे की मांग की है. हंगामें के बीच पहले दिन का सत्र की कार्रवाई को स्थगित कर दिया गया है. अब यह कार्रवाई 18 दिसंबर को सुबह 11:00 से फिर शुरू होगी.

झारखंड में 10 दिनों से धीरज साहू के ठिकानों पर चल रही छापेमारी के बीच शीतकालीन सत्र की आज से शुरुआत हुई है. 15 दिसंबर से विधानसभा में हेमंत सोरेन के सामने साहू के गिरफ्तारी की मांग जोर-जोर से उठ रही है.

शीतकालीन सत्र के पहले दिन कांग्रेस के राज्यसभा सांसद धीरज साहू के ठिकानों पर मिले, नोटों के ढेर मिलने पर भारतीय जनता पार्टी ने अपना विरोध प्रदर्शन किया. धीरज साहू के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए भाजपा ने सीएम हेमंत सोरेन से उनका इस्तीफा भी मांगा है. इसके साथ ही भाजपा विधायकों ने मामले की सीबीआई जांच की भी मांग रखी है. इस प्रदर्शन में भाजपा ने सीधे-सीधे राहुल गांधी और सोनिया गांधी से भी पूछा है कि आखिर धीरज साहू के पास इतने पैसे कहां से आए?

350 करोड़ की संपत्ति के मालिक हैं धीरज साहू

धीरज साहू के मुद्दे पर कांग्रेस नेता आलमगीर आलम ने कहा कि भाजपा के पास से कोई मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वह धीरज साहू का मामले को उठा रहे हैं. धीरज साहू का मामला एक व्यक्तिगत मामला है, उनका पुश्तैनी व्यापार है और कई कंपनियां है. इसलिए उनके ऊपर इल्जाम लगाना ठीक नहीं होगा. आईटी ने भी खुलकर अभी तक सामने आकर कुछ नहीं कहा है.

पहले दिन से ही विधानसभा के शीत सत्र के आने वाले दिनों की हल्की झलक देखने को मिल गई है. दिसंबर की ठंड में झारखंड विधानसभा पूरी तरह से गर्मी रहने वाला है. हालांकि कांग्रेस और झारखंड सरकार भले ही कुछ भी कहे, लेकिन प्रतिपक्ष के नेता पूरी तरह से झारखंड सरकार के खिलाफ धीरज साहू के मामले को पकड़े बैठे हैं. 350 करोड़ के संपत्ति मालिक धीरज साहू और उनके रिश्तेदारों के गिरफ्तारी की भी मांग मुख्य विपक्षी दल लगातार कर रहा है.

सत्र की शुरुआत पहले दिन कड़ी सुरक्षा के बीच हुई. एंट्री के समय सभी विधायकों की गहन जांच हुई. लोकसभा में 13 दिसंबर को हुई घटना के बाद झारखंड विधानसभा की सुरक्षा को बढ़ा दिया गया है.

पहले दिन का सत्र की कार्रवाई को स्थगित कर दिया गया है. अब यह कार्रवाई 18 दिसंबर को सुबह 11:00 से फिर शुरू होगी. उम्मीद लगाई जा रही है की झारखंड सरकार 5% रिजर्वेशन बिल भी इस सत्र से पारित करवा सकती है.