सोमवार को बिहार से एक अजीबोगरीब अपहरण की खबर सामने आई थी. जहां ट्रेन से एक ग्रामीण विकास पदाधिकारी(RDO) के अपहरण का मामला सामने आया था. हालांकि दोपहर तक पुलिस ने अपहृत RDO को बख्तियारपुर के एक होटल से बरामद किया था. पुलिस की पूछताछ में RDO दीपक कुमार पाठक ने कई खुलासे किए. पुलिस के मुताबिक दीपक कुमार पाठक का RDO होने का दावा फर्जी है. उसने खुद ही अपने अपहरण की साजिश रचकर पाटीदारों को फसाने की कोशिश की. दीपक कुमार ने अपने परिवार वालों को फोन कर बताया कि उसका ट्रेन से अपहरण कर लिया गया है. और फिरौती के लिए तीन लाख रुपए की मांग की जा रही है.
रेल एसपी अमृतेंदू शेखर ठाकुर ने मामले पर बताया कि आरोपित के खिलाफ फर्जीवाड़ा और झूठे अपहरण का मामला दर्ज किया गया है. आरोपी दीपक बेगूसराय के तघड़ा थाना क्षेत्र के अंबा गांव का निवासी है. वह छौरा ब्लॉक में संविदा पर काम करता था. उसने 67वीं बीपीएससी की परीक्षा दी, लेकिन उसमें असफल रहा. जिसके बाद प्रतिष्ठा के लिए उसने गांव वालों के सामने नौकरी लगने की बात कहीं. इसके बाद उसने फर्जी नियुक्ति पत्र आदि बनवाकर 15 जुलाई को योगदान देने की बात बताई. सोमवार की सुबह परिवार वालों ने उसे पूर्णिया-हटिया कोसी एक्सप्रेस ट्रेन में चढ़ाया. ट्रेन में बैठने के कुछ देर बाद उसने अपने परिवार वालों को फोन कर कहा कि खुसरूपुर से अपराधियों ने उसका अपहरण कर लिया है.
इस पूरी घटना के बाद दीपक कुमार के पिता ने खुसरूपुर जीआरपी और स्थानीय थाना में शिकायत दर्ज कराई. जिसमें तीन लोगों को आरोपी बनाया गया था. मामले की जांच में पुलिस से को पता लगा कि दीपक बख्तियारपुर स्टेशन उतरा है. मोबाइल लोकेशन के आधार पर रेल पुलिस ने उसे बख्तियारपुर होटल से पकड़ लिया. बाद में रेल पुलिस ने जांच के दौरान बीपीएससी जॉइनिंग लेटर को भी फर्जी पाया. दीपक कुमार के साथ एक और लेटर भी था, जिसमें लिखा था की ट्रेनिंग पूरी नहीं करने के करण उम्मीदवार की नियुक्ति रद्द की जाती है.
पुलिस ने इस पूरे मामले की जांच के बाद दीपक कुमार को गिरफ्तार कर लिया है और उसे आज से जेल भेजा जाएगा.





