Hajipur Seat to Chirag: चाचा से रिश्ते सुधारने के मूड में नहीं चिराग, कहा- मेरी प्राथमिकताएं अलग

Hajipur Seat to Chirag: हाजीपुर सीट से लगाव रखने वाले पशुपति पारस ने अब भतीजे चिराग पासवान को पूरी तरह से समर्थन देने की भी बात कहीं, लेकिन चिराग ने चाचा से समर्थन लेने से इनकार कर दिया है.

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रिश्ते सुधारने के मूड में नहीं चिराग

रिश्ते सुधारने के मूड में नहीं चिराग

एनडीए गठबंधन ने लोजपा(रा) के अध्यक्ष  चिराग पासवान पर 2024 के लोकसभा चुनाव में बड़ा दाव खेल है. चिराग पासवान को इस चुनाव में पार्टी ने 5 सीटों पर उम्मीदवार उतारने के लिए भरोसा जताया है. पार्टी की तरफ से मिले इस भरोसे पर चिराग पासवान भी खरे उतरना चाहते हैं, जिसके लिए वह जीत का हर दांव पेंच अपना रहे हैं. हाजीपुर, जमुई खासकर चिराग पासवान के टारगेट में है, जिसके लिए वह पीएम मोदी तक को जमुई बुला चुके हैं. अपने बहनोई के लिए वोट बटोरने में चिराग पासवान कोई कसर नहीं छोड़ रहे. 

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शांत हो गए चाचा पारस

एनडीए की तरफ से चिराग पासवान को 5 सीट मिलने पर चाचा पशुपति पारस नाराज हो गए थे. पशुपति पारस ने इतनी सीटों पर लोजपा(रा) को दावेदारी के मिलने के बाद मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था. हालांकि इस प्रकरण को बीते हुए कई दिन हो गए हैं और अब चाचा पारस शांत नजर आ रहे हैं. दिल्ली में भाजपा के कई दिगाज नेताओं से मिलने के बाद उन्होंने एनडीए को अपना अभिन्न हिस्सा करार दिया. और अब पशुपति पारस ने बिहार के 40 लोकसभा सीटों पर एनडीए को जिताने के लिए समर्थन देने की बात कही है. हाजीपुर सीट से लगाव रखने वाले चाचा पारस ने अब भतीजे को पूरी तरह से समर्थन देने की भी बात कहीं, लेकिन चिराग पासवान ने अपने चाचा के समर्थन को लेने से इनकार कर दिया. 

समर्थन लेने से चिराग का इनकार

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चुनावी मौसम में हाजीपुर पहुंचे चिराग पासवान ने अब पशुपति पारस के समर्थन देने पर सवाल उठाया है. उन्होंने कहा कि वह अब इन सब चीजों से बहुत आगे निकल चुके हैं. उन्हें बिहार के 40 लोकसभा सीटों पर एनडीए के प्रत्याशियों को जिताना है. इसके अलावा 400 पर ले जाने का लक्ष्य भी पार्टी के साथ पूरा करना है. 

पशुपति पारस के आशीर्वाद देने वाले सवाल पर चिराग पासवान ने कहा कि उन्होंने अपना हाथ मेरे सर से हटाया क्यों? मुझे घर और परिवार से बेदखल कर दिया, इन सब का कारण मुझे नहीं पता. कई बार उनसे (पारस) पूछे जाने पर की क्या चिराग पासवान से कोई समझौता हो सकता है/ इस पर उन्होंने कहा कि सूरज पश्चिम से निकल जाएगा, लेकिन चिराग से मेरा कोई रिश्ता नहीं होगा. 

सगा बेटा होता तो यहीं करते?

चिराग पासवान ने आगे अपनी नाराजगी को साफ जाहिर करते हुए कहा कि अगर मैं उनका सागा बेटा होता तो क्या वह इस तरह से मुझे बाहर कर देते? बहरहाल मैं इन सब चीजों से बहुत आगे निकल चुका हूं. मेरी लड़ाई बिहार फर्स्ट बिहारी फर्स्ट की है. इस लड़ाई के साथ मुझे आगे बढ़ाना है और तमाम चीजों को पीछे छोड़ देना है. 

पिता का क्षेत्र में प्रतिनिधित्व

हाजीपुर पहुंचे चिराग पासवान ने यहां पर बिना अपने चाचा का नाम लिए उनके ऊपर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि हाजीपुर में जगह-जगह घूम रहा हूं और विकास कार्य की समीक्षा करते हुए काफी निराश हो रही है. पिछले 5 सालों में यहां लोगों को थोड़ी बहुत निराशा हुई है, लेकिन मेरी पूरी कोशिश रहेगी कि फिर से लोगों का भरोसा बहाल कर सकूं. मेरे पिता रामविलास पासवान ने लंबे समय तक इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया है, ऐसे में उम्मीद है कि मुझे लोगों का उतना ही प्यार मिलेगा.

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