झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र में गूंजा 500 करोड़ किसका….? रामेश्वर उरांव ने पेश किया 8111.75 करोड़ रुपए का बजट

झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र में दूसरे दिन पक्ष और विपक्ष दोनों ने ही एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी की. इस दौरान पक्ष ने सदन में दूसरे अनुरूप बजट को भी पेश किया गया.

झारखंड विधानसभा का दूसरा दिन पक्ष और विपक्ष दोनों ही तरफ से विरोध दर्ज कराने के नाम रहा. शीतकालीन सत्र के दौरान विधानसभा के अंदर और बाहर दोनों ही जगह पर पार्टियों ने जमकर एक दूसरे के खिलाफ नारेबाजी और हंगामा किया. हाथों में तख्ती लेकर भाजपा के विधायकों ने कांग्रेस और हेमंत सोरेन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.

विपक्ष ने यहां ईडी के मुद्दे को लेकर भी मुख्यमंत्री सोरेन को घेरा. भाजपा विधायकों ने तख्ती पर काला साम्राज्य, झारखंड को लूटने की झामुमो, कांग्रेस और राजद की बीमारी जैसे पोस्टरों को सदन में लहराया.

आदिवासी को जंगल से बेदखल करने की साजिश

सत्ता पक्ष के नेता ने भी हम हैं जंगल के मालिक, पूंजीपतियों को जंगल बेचना बंद करो, आदिवासी मूलवासी को जंगल से बेदखल करने की साजिश बंद करो जैसे नारों के साथ भाजपा के खिलाफ धरने पर बैठे.

विपक्ष की सरकार सदन में धीरज साहू के यहां बरामद पैसे को एक बड़ा मुद्दा बनाने में कामयाब होती हुई नजर आई. भाजपा की तरफ से लगातार यह सवाल किया गया कि यह 500 करोड़ रुपए किसके हैं, इससे पूरी तरह से स्पष्ट करना चाहिए. क्या यह राशि है हेमंत सोरेन की है या कांग्रेस की इस बात को भी सरकार को सदन में रखना चाहिए.

सत्र में सोमवार को महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के मंत्री जोबा मांझी ने झारखंड राज्य दिव्यांगजन अधिकार नियमवाली 2018, झारखंड राज्य माता-पिता भरण पोषण और वरिष्ठ नागरिकों का भरण पोषण तथा कल्याण नियम 2014 और झारखंड जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (केयर एंड प्रोटक्शन रूल्स) 2017 की प्रति को सभा में रखा.

इसके साथ ही सदन में दूसरे अनुरूप बजट को भी पेश किया गया. वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव ने सदन के पटल पर 8111.75 करोड़ रुपए का बजट पेश किया है.

इस दौरान शीतकालीन सत्र में भाग लेने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी पहुंचे. शीतकालीन सत्र में हंगामा के बाद कार्रवाई को मंगलवार 11:00 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया है .