Loksabha Election 2024: राजद ने बिगाड़ा सबका समीकरण, जाने किसको दिया अपना सिंबल

कुमार सरबजीत को लालू यादव गया सीट से उतार सकते है. इसके अलावा अभय कुशवाहा को औरंगाबाद, विनोद यादव को नवादा और सुरेंद्र यादव को जहानाबाद से राजद के प्रत्याशी बनाए गए हैं.

लोकसभा चुनाव 2024 बिल्कुल सर पर खड़ा है. इसके पहले जहां एक ओर एनडीए गठबंधन अपने पार्टियों के बीच में सीटों का बंटवारा कर चुकी है, तो वही इंडिया गठबंधन अभी भी बंटवारे के खेल में फंसा हुआ नजर आ रहा है. चुनाव से पहले सीट बटवारा और उम्मीदवारों के नाम तय करने के लिए इंडिया गठबंधन मीटिंग कर रहा है, लेकिन अभी तक कुछ भी तय नहीं हुआ है. माना जा रहा है कि आज शाम तक सीट बटवारा तय हो जाएगा और नामों की घोषणा भी हो जाएगी. हालांकि इसके पहले बिहार में राजद ने अपने कुछ प्रत्याशियों के नामों की घोषणा कर दी है.

खबरों के मुताबिक कुमार सरबजीत को लालू यादव ने खुद ही पार्टी का सिंबल दिया है, इन्हें गया सीट से उतारा जा सकता है. इसके अलावा जदयू छोड़ राजद पार्टी में शामिल हुए अभय कुशवाहा को औरंगाबाद से पार्टी का सिंबल मिला है. विनोद यादव को नवादा और सुरेंद्र यादव को जहानाबाद से राजद के प्रत्याशी बनाए जाने की खबर मिल रही है. हालांकि इस खबर पर अभी तक फाइनल मुहर नहीं लगी है.

राजद ने 4 उम्मीदवारों की घोषणा की

राजद, कांग्रेस और वाम दल पहले चरण की चार सीटों में से जमुई, औरंगाबाद, गया और नवादा पर सीट बंटवारे की घोषणा करेंगे. अभी तक सीट शेयरिंग का फाइनल फैसला नहीं हुआ है, उसके पहले राजद ने चार लोगों को पार्टी से नामांकित कर दिया है.

सूत्रों के माने तो महागठबंधन में कटिहार और बेगूसराय जैसे कुछ सीटों को छोड़कर बाकी सीटों पर फ़ैसला लिया जा चुका है. चुनावी मैदान में उतरने के लिए पार्टी के उम्मीदवारों की लिस्ट भी तैयार माने जा रही है. इधर एनडीए से नाराज चल रहे पशुपति पारस के भी राजद पार्टी में शामिल होने के बाद बीते कुछ दिनों से सामने आ रही है. कहा जा रहा है कि अगर वह महागठबंधन में शामिल होते हैं तो उन्हें हाजीपुर या समस्तीपुर की सीट दी जा सकती है. हाजीपुर में पशुपति पारस की पकड़ ज्यादा मानी जाती है.

पिछले लोकसभा चुनाव 2019 के नतीजे पर नजर डालें तो बिहार में राजद को एक भी सीट पर जीत हासिल नहीं हुई थी. यहां तक की राजद ने बिहार की एक भी सीट पर खाता भी नहीं खोला था. कांग्रेस को बस एक ही सीट (किशनगंज) हासिल हुई थी, बाकी 39 सीटों पर भाजपा का कब्जा रहा था.