बिहार में बीते दिनों में मुंगेर के सरकारी स्कूल में छत गिरने की घटना हुई थी. इस घटना ने शिक्षा विभाग की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए थे. अभी इस घटना को एक दिन भी नहीं हुआ तब तक राजधानी में भी ऐसे ही घटना घटित हो गई. पटना के फतुहा में एक जर्जर घोषित उत्क्रमित उच्च विद्यालय में स्कूल की छत टूट कर गिर गई, जिसमें चार बच्चे घायल हो गए. गांव वालों ने बताया कि सोमवार को बच्चे पढ़ाई कर रहे थे इसी दौरान छत का प्लास्टर टूटकर उन पर गिर गया जिस कारण वह घायल हो गए. बच्चों को तुरंत प्राथमिक उपचार के लिए नीजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया है.
इस घटना के घटित होने के बाद ही स्कूल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों को इसकी जानकारी मिलने के बाद सभी भागकर अपने बच्चों के हाल-चाल लेने के लिए आग गए. प्लास्टर गिरने के बाद स्कूल में तुरंत पढ़ाई रुक गई. स्कूल के प्रिंसिपल ने घटना पर बताया कि स्कूल के सभी कमरे जर्जर हो चुके हैं, जिसकी जानकारी कई बार संबंधित पदाधिकारी को भी दी गई है. आज जैसे ही क्लास शुरू हुई वैसे ही कमरे के छत से एकसाथ कई टुकड़े जमीन पर गिर गए, जिसमें अंशु कुमारी(2), प्रेम कुमार(2), टुन्नी कुमारी(3) और प्रेम कुमार(4 )को चोट आई है.
गांव के मुखिया ने घटना पर बताया कि स्कूल के जर्जर भवन में दो पालियों में तीन स्कूलों का संचालन किया जा रहा है. स्कूल के मरम्मती के लिए पदाधिकारी को सूचना के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं. घटना पर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी विनोद कुमार यादव ने कहा कि घटना में दो बच्चे घायल हुए हैं. कोई बड़ा हादसा नहीं है. थोड़ा सा प्लास्टर गिर गया था, जिसमें बच्चों को हल्की चोट आई है.
फतुहा के इस स्कूल में हाई, मिडिल और प्राइमरी तीन स्कूल दो शिफ्ट में चलते हैं, जिसमें लगभग 400 से ज्यादा बच्चों की पढ़ाई होती है. घटना के समय भी स्कूल के दो कमरों में क्लास चल रही थी, जो जर्जर घोषित है. इसी दौरान छत का प्लास्टर टूट कर बच्चों पर गिर गया.
प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने घटना पर जिस तरह के बयान दिए हैं उससे यह प्रतीत हो रहा है कि अगर कोई बड़ी घटना होती तब वह मामले पर संज्ञान लेते हैं. ऐसी छोटी घटना पर कार्रवाई के लिए ना तो पदाधिकारी ध्यान देते हैं और ना ही सरकार इस पर ठोस कदम उठाती है.





