साहिबगंज- भागलपुर रेलखंड: तेजस राजधानी एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त होने से बाल-बाल बची, असामाजिक तत्वों ने ट्रैक पर रखे पत्थर

मंगलवार को रेलवे ने भागलपुर के लोगों की सुविधा के लिए तेजस राजधानी एक्सप्रेस की इस नए रूट पर शुरुआत की थी. पहले दिन ही तेजस एक्सप्रेस को असामाजिक तत्वों ने दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश की.

मंगलवार को तेजस राजधानी एक्सप्रेस को बड़े ही धूमधाम के साथ साहिबगंज- भागलपुर रेलखंड पर परिचालन के लिए शुरू करने का कार्यक्रम रखा गया था. लेकिन इस कार्यक्रम के पहले कुछ शरारती तत्वों ने रेलवे के इस कदम पर नजर लगानी की सोची.

भागलपुर के लोगों की सुविधा के लिए रेलवे ने इस नये रूट पर तेजस राजधानी एक्सप्रेस शुरू की थी. इसकी शुरुआत होने के पहले दिन ही तेजस एक्सप्रेस को असामाजिक तत्वों ने दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश की. लेकिन कहते है नेक काम के लिए शुरू किये गए काम को कोई आंच नहीं पहुंचा सकता है. ठीक ऐसी ही एक घटना बिहार में घटित हुई.

असामाजिक तत्वों ने रची साजिश

पहले दिन ही तेजस एक्सप्रेस के गुजरने वाले ट्रैक पर बदमाशों ने पत्थर रखकर ट्रेन को क्षतिग्रस्त करने की साजिश रची थी. लेकिन तेजस एक्सप्रेस और उसमें सवार लोगों की किस्मत काफी अच्छी रही जो ट्रेन बिल्कुल सुरक्षित बच गई.

तेजस राजधानी एक्सप्रेस पत्थर से टकराने के बाद थोड़ी देर के लिए स्लो हो गई और इस घटना में इंजन का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था.

दरअसल तेजस एक्सप्रेस अगरतला से आनंद विहार के लिए मंगलवार को रवाना हुई थी. इसी दौरान तालझारी के पहले महाराजपुर के पास शरारती तत्वों ने पटरी पर एक पत्थर का बड़ा सा टुकड़ा रख दिया था. बदमाशों की मनसा थी कि तेजस एक्सप्रेस को दुर्घटनाग्रस्त किया जाए. बदमाशों की प्लानिंग के अनुसार ट्रैक पर रखे गए पत्थर से ट्रेन टकरा गई और इंजन का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया. लेकिन गनीमत रही कि ट्रेन के अंदर बैठे हुए लोगों को जान माल का नुकसान नहीं हुआ.

घटना के बाद एसडीआरएम शिवकुमार प्रसाद ने कहा कि तेजस एक्सप्रेस के गुजरने के ठीक पहले मालगाड़ी भी वहां से गुजरी थी लेकिन पटरी पर कोई पत्थर नहीं था. मालगाड़ी के गुजरने के बाद तेजस राजधानी के गुजरने से पहले पत्थर को ट्रैक पर रखा गया होगा. पूरे मामले की जांच की जा रही है.

भागलपुर में तेजस राजधानी एक्सप्रेस का भरपूर स्वागत किया गया था. ट्रेन के स्वागत के लिए सांसद समेत भागलपुर के कई जनप्रतिनिधि मौके पर मौजूद थे.

देश में रेल हादसों की खबर किसी से छुपी नहीं है. कई बार इन हादसों में रेलवे को तलब किया गया है, लेकिन कुछ मामले ऐसे भी सामने आए है जिनमें आम लोगों ने रेल को छतिस्ग्रस्त करने की कोशिश की है.