कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने दिया इस्तीफा, कहा- सुबह-शाम सनातन विरोधी नारे नहीं लगा सकता

कांग्रेस राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दिया. गौरव ने कांग्रेस पर सनातन विरोधी होने का भी आरोप लगाया है. गौरव ने कहा कि मैं ऐसी पार्टी में नहीं रह सकता, जहां सुबह-शाम सनातन विरोधी नारे लगाने होते हैं.

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कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव वल्लभ

कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव वल्लभ

लोकसभा चुनाव (Loksabha Election) से पहले कांग्रेस की मुश्किलें ख़त्म होने का नाम नहीं ले रही हैं. एक एक करके पार्टी के बड़े और पुराने वफादार पार्टी का साथ छोड़ रहे हैं. कांग्रेस (Congress) को तजा झटका गरुवार सुबह (4 अप्रैल) को तब लगा जब पार्ट्री के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया. गौरव ने कांग्रेस पर सनातन विरोधी होने का भी आरोप लगाया है. गौरव ने कहा कि मैं ऐसी पार्टी में नहीं रह सकता जहां सुबह-शाम सनातन विरोधी नारे लगाने होते हैं. गौरव ने अपने इस्तीफे के साथ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भावुक चिट्ठी भी लिखी है. जिसमें उन्होंने पार्टी में आये बदलावों का जिक्र किया है.

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पार्टी में असहज महसूस करता हूं: गौरव वल्लभ

गौरव वल्लभ (Gourav Vallabh) ने सोशल मीडिया एक्स पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्ल्किार्जुन खड़गे को भेजे इस्तीफे की फोटो शेयर कर लिखा, "कांग्रेस पार्टी आज जिस प्रकार से दिशाहीन होकर आगे बढ़ रही है, उसमें मैं ख़ुद को सहज महसूस नहीं कर पा रहा. मैं ना तो सनातन विरोधी नारे लगा सकता हूं और ना ही सुबह-शाम देश के वेल्थ क्रिएटर्स को गाली दे सकता. इस कारण मैं कांग्रेस पार्टी के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफ़ा दे रहा हूं."

गौरव ने इस्तीफा देते हुए कहा कि, भावुक हूं और मन व्यथित है. काफी कुछ कहना चाहता हूं, लिखना चाहता हूं और बताना चाहता हूं. लेकिन मेरे संस्कार ऐसा कुछ भी कहने से मना करते हैं. फिर भी मैं आज अपनी बातों को आपके समक्ष रख रहा हूं, क्योंकि मुझे लगता है कि सच को छुपाना भी अपराध है. ऐसे में मैं अपराध का भागी नहीं बनना चाहता.

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गौरव वल्लभ ने कहा कि जब मैंने कांग्रेस पार्टी ज्वाइन की थी तो तब मेरा मानना था कि कांग्रेस देश की सबसे पुरानी पार्टी है. यहां पर युवा और बौद्धिक लोगों के आइडिया की कद्र  होती है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में मुझे यह महसूस हुआ कि पार्टी का मौजूदा स्वरूप नए आइडिया वाले युवाओं के साथ खुद को एडजस्ट नहीं कर पाती.

राम मंदिर पर कांग्रेस के स्टैंड से थे, क्षुब्ध

राममंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में कांग्रेस का शामिल नहीं होना भी गौरव वल्लभ के पार्टी छोड़ने के कारणों में शामिल रहा. गौरव वल्लभ ने कहा अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर कांग्रेस के रुख से मैं क्षुब्ध हूं. मैं जन्म से हिंदू और कर्म से शिक्षक हूं, पार्टी के इस स्टैंड ने मुझे हमेशा असहज किया. पार्टी और गठबंधन से जुड़े कई लोग सनातन के विरोध में बोलते हैं. गौरव ने चिंता जताते हुए लिखा, इन दिनों पार्टी गलत दिशा में आगे बढ़ रही है. एक ओर हम जाति आधारित जनगणना की बात करते हैं तो वहीं दूसरी ओर संपूर्ण हिंदू समाज के विरोधी नजर आ रहे हैं.

गौरव इससे पहले दो बार कांग्रेस की टिकट पर चुनाव में खड़े हो चुके हैं. हालाँकि उन्हें दोनों बार हार का सामना करना पड़ा है. 2023 विधानसभा चुनाव में उन्हें राजस्थान के उदयपुर से चुजाव लड़ा था जहां उन्हें बीजेपी के ताराचंद जैन से हार का सामना करना पड़ा. वहीं 2019 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने उन्हें झारखण्ड के जमशेदपुर पूर्वी से मैदान में उतारा था.

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