पटना में चल रहे विधानसभा शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन आंगनबाड़ी सेविकाओं ने अपनी मांग लेकर विधानसभा का घेराव किया है. विधानसभा घेराव मे आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं को भगाने के लिए पुलिस ने उनके ऊपर बल प्रयोग किया है. पुलिस ने सेविकाओं पर वाटर कैनन का इस्तेमाल किया है, जिसकी वजह से कई सेविकाओं को चोट भी आई है.

मंगलवार को सत्र की शुरुआत से पहले उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए सेविकाएं घेराव करने पहुंची थी. सेविकाओं का कहना है कि उपमुख्यमंत्री ने सरकार में आने से पहले यह वादा किया था कि आंगनबाड़ी सेविका और सहायिकाओं का मानदेय बढ़ाया जाएगा. लेकिन उपमुख्यमंत्री बनने के बाद ही वह अपने सारे वादे को भूल चुके हैं.
आंगनबाड़ी सेविकाओं की मांग है कि उनके वेतन को 5000 से बढ़ाकर 25000 किया जाए. इसके साथ ही मानदेय के बजाय अब नियमित वेतन और सरकारी कर्मचारी का दर्जा भी दिया जाए. अपनी मांगों को लेकर सेविकाएं पटना में कई बार प्रदर्शन कर चुकी हैं.

पटना में तड़के सुबह ऑफिस के टाइम पर कई लोगों को रास्ते में जाम का सामना करना पड़ा. विधानसभा से हटाए जाने के बाद 100 से भी ज्यादा सेविकाओं ने डांकबंगला चौराहे को जाम कर दिया है. एसपी वर्मा रोड से डाक बंगला और स्टेशन जाने वाले लोगों को खासकर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
पुलिस प्रसाशन लगातार प्रदर्शन को हटाने की कोशिश कर रहा हैं.





